वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टाइटन का मुनाफा 14.4 फीसदी घटकर 184.1 करोड़ रुपये रहा है। वहीं वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में टाइटन का मुनाफा 215.1 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टाइटन का मुनाफा 14.4 फीसदी घटकर 184.1 करोड़ रुपये रहा है। वहीं वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में टाइटन का मुनाफा 215.1 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टाइटन की आय 1.6 फीसदी घटकर 2,456.3 करोड़ रुपये रही है। वहीं वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में टाइटन की आय 2,496 करोड़ रुपये रही थी।
वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टाइटन का एबिटडा 22.2 फीसदी घटकर 210.1 करोड़ रुपये रहा है। वहीं वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में टाइटन का एबिटडा 270.1 करोड़ रु रहा था।
वहीं साल दर साल आधार पर जनवरी-मार्च तिमाही में टाइटन का एबिटडा मार्जिन 10.8 फीसदी से घटकर 8.5 फीसदी रहा है।
वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टाइटन की अन्य आय 49.4 फीसदी बढ़कर 23.7 करोड़ रुपये रही है। वहीं वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में टाइटन की अन्य आय 15.9 करोड़ रुपये रही थी।
वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टाइटन की घडियों का एबिटा 90.8 फीसदी घटकर 4.5 करोड़ रुपये रहा है। वहीं वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में टाइटन की घडियों का एबिटा 48.9 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2016 की चौथी तिमाही में टाइटन का ज्वेलरी एबिटा 11 फीसदी घटकर 206.5 करोड़ रुपये रहा है। वहीं वित्त वर्ष 2015 की चौथी तिमाही में टाइटन का ज्वेलरी एबिटा 232.1 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी के मुताबिक वित्त वर्ष 2016 टाइटन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। बाजार की कमजोर स्थिति और कड़े नियमों के कारण कंपनी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
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