टाटा स्टील नीदरलैंड्स को डच एनवायरमेंटल सर्विस से 2.7 करोड़ यूरो की पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी पर यह जुर्माना उसके दो प्लांट्स के इमिशन स्टैंडर्ड को लेकर लगाया गया है। इस सिलसिले में कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि एनवायरमेंट डिपार्टमेंट कंपनी के एक प्लांट के लिए परमिट को संभावित वापसी के लिए प्रक्रिया जारी रखेगा।
डच रेगुलेटर्स ने कार्बन उत्सर्जन का स्तर कम करने के लिए टाटा स्टील के आईजेमुइडेन (IJmuiden) प्लांट को एक साल का समय दिया है। साथ ही, यह भी चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर प्लांट का ऑपरेटिंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। टाटा स्टील का कहना है कि वह इस फैसले को लेकर एनवायरमेंटल सर्विस के साथ बात करने को तैयार है। साथ ही, उसका यह भी कहना है कि स्थिति को सुधारने की दिशा में कंपनी ने अहम प्रगति की है।
टाटा स्टील नीदरलैंड ने बताया, 'जहां तक हमारा सवाल है, तो हम इन फैक्ट्रियों के उत्सर्जन की स्थिति को सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं। हम कंटेंट और नोटिफिकेशन के लिए बताई गई वजह से सहमत नहीं है। इस मसले पर संबंधित पक्षों के साथ एक बार फिर चर्चा करना चाहते हैं।' कंपनी के बयान में कहा गया है, 'जिस तरीके से फैसला लिया गया है, वह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।'
स्टील कंपनी ने पेनाल्टी को 'काफी ज्यादा' बताया है। टाटा स्टील नीदरलैंड्स का यह भी कहना है कि पेनाल्टी के बार में फैसला करने से पहले फैक्ट्रियों को लेकर पर्यावरण विभाग ने जो कदम उठाए हैं, उसको लेकर कंपनी को गंभीर शंका है। कंपनी के मुताबिक, इन कदमों को अधूरा और गलत कहा जा सकता है। कंपनी के पास अपने एक प्लांट में रेगुलेटरी शर्तो को पूरा करने के लिए एक साल का समय है। शर्तें नहीं पूरी करने पर रेगुलेटर फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द करने पर विचार करेगा। टाटा स्टील को इस सिलसिले में 6 हफ्ते के भीतर एक्शन प्लान सौंपना होगा। टाटा स्टील नीदरलैं पहले ही 2030 तक हर साल 50 लाख टन तक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने का ऐलान कर चुकी है।