मशहूर इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला की वाइस प्रेसिडेंट श्रीला वेंकटरत्नम ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है। वह टेस्ला में पिछले 11 साल से काम कर रही थीं। टेस्ला में सिर्फ दो महिलाएं ही वाइस प्रेसिडेंट का पद संभाल रही थीं और वेंकटरत्नम उनमें से एक थीं। उन्होंने लिंक्डइन पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया। इसमें उन्होंने टेस्ला की तारीफ की है। हालांकि, कमेंट में उन्होंने लिखा कि वहां काम करना आसान नहीं था।
वेंकटरत्नम ने कहा कि कंपनी में उनका कार्यकाल 'असाधारण' से बिल्कुल कम नहीं रहा। उनका यह भी कहना था कि उन्हें कंपनी की ग्रोथ को लेकर गर्व है, जो आज 700 अरब डॉलर का उद्यम बन चुकी है। वेंकटरत्नम ने लिखा, ' मैंने ऐसे वक्त में वाइस प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दिया है, जब कंपनी का सालाना रेवेन्यू करीब 100 अरब डॉलर है, मार्केट कैपिटल 700 अरब डॉलर और एक साल में 18 लाख कारों की डिलीवरी की गई है। मुझे इस बात का गर्व है कि हमने इतना सारा कुछ हासिल किया है।'
टेस्ला के पूर्व CFO जैसन व्हीलर ने जब उन्हें समय-समय पर मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद कंपनी में शानदार परफॉर्मेंस के लिए बधाई दी, तो इसके जवाब में वेंकटरत्नम का कहना था कि निश्चित तौर पर टेस्ला में काम करना आसान नहीं था। हाल के महीनों में टेस्ला से कई सीनियर एंप्लॉयीज ने इस्तीफा दिया है। टेस्ला के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, पावरट्रेन और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ड्रयू बैगलिनो ने अप्रैल में छंटनी शुरू होने से इस्तीफा दिया था। उन्होंने 18 साल तक कंपनी के साथ काम किया। कंपनी के एक और वाइस प्रेसिडेंट रोहन पटेल ने भी इसी समय इस्तीफा दिया था।
टेस्ला ने अप्रैल में अपने वर्कफोर्स में 10 पर्सेंट से भी ज्यादा कटौती की थी। मस्क ने एंप्लॉयीज से कहा था कि कंपनी को वर्कफोर्स की साइज और कॉस्ट में कटौती को लेकर सख्त होने की जरूरत है।