सुप्रीम कोर्ट ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) केस में टेलीकॉम ऑपरेटर वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) की क्यूरेटिव याचिका पर सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तारीख तय की है। इससे पहले सर्वोच्च अदालत ने सरकार को भुगतान के मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के खिलाफ 15 जुलाई को वोडाफोन आइडिया की याचिका को स्वीकार किया था।
AGR मामले में वोडाफोन आइडिया की क्यूरेटिव याचिका में तीन प्रमुख राहत की मांग की गई है। पहला, इसमें AGR मांग के आकलन में अंकगणितीय और लिपिकीय गड़बड़ियों को दुरुस्त करने की मांग की गई है। दूसरा, याचिका में शॉर्ट पेमेंट की पूरी रकम का 50 पर्सेंट पेनाल्टी के तौर पर भुगतान करने की मांग की गई है। तीसरा, वोडाफोन आइडिया पेनाल्टी पर लागू होने वाले ब्याज दर में संशोधन की मांग कर रही है, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्राइम लेंडिंग रेट से 2 पर्सेंट ऊपर है।
वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने इस साल जुलाई में वोडाफोन आइडिया की तरफ से पेश होते हुए कहा था कि टेलीकॉम कंपनी ने सितंबर 2023 में क्यूरेटिव याचिका दायर की थी और वह अब भी इसकी सुनवाई का इंतजार कर रही है। उनका कहना था कि कंपनी की मुख्य चिंता यह है कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने फाइनल डिमांड के आकलन में गड़बड़ियां कीं।
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में टेलीकॉम डिपार्टमेंट की AGR डिमांड की पुष्टि की थी। इससे वोडाफोन-आइडिया पर 58,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा था। इस पर फाइनेंशियल ईयर 2024 तक का ब्याज जोड़ देने से कंपनी का बोझ बढ़कर 70,320 करोड़ रुपये हो गया है। बहरहाल, भारती एयरटेल ने भी क्यूरेटिव याचिका दायर की है और उसे इस पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार है। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड का शेयर 28 अगस्त को 0.25 पर्सेंट की गिरावट के साथ 15.96 रुपये पर बंद हुआ।