Get App

मुकेश अंबानी की लीडरशिप में रिलायंस के लिए क्या रहा गेम चेंजर, जानें देवेन चोकसी की राय

विगत 20 सालों से कंपनी ने रेवन्यू, प्रॉफिट, नेटवर्थ, एसेट, मार्केट कैप में डबल डिजिट ग्रोथ दिखाई है। पिछले 20 सालों से ज्यादा समय से के आर चोकसी के देवेन चोकसी ने इस कंपनी को डिटेल में मैप किया है। वे इसे परख रहे हैं। इसको एनालाइज कर रहे हैं। 20 साल पहले डिजिटल रोडमैप के बारे में मुकेश अंबानी की दूरदृष्टि और उस दिशा में बढ़ाया कदम को चोकसी ने गेमचेंजर बताया है

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Dec 28, 2022 पर 5:31 PM
मुकेश अंबानी की लीडरशिप में रिलायंस के लिए क्या रहा गेम चेंजर, जानें देवेन चोकसी की राय
देवेन चोकसी ने कहा कि मुकेश अंबानी के नेतृ्त्व में रिलायंस जियो में निवेश करना भी गेम चेंजर साबित हुआ। अब ये सिर्फ मोबिलिटी कंपनी नहीं है बल्कि ये एक टेक्नोलॉजी कंपनी का बन चुकी है

रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) में मुकेश अंबानी (Mukesh Amabani) के CMD के तौर पर 20 साल पूरे हो गये हैं। उन्होंने 2002 में Reliance की बागडोर अपने हाथ में ली थी। उन्होंने तब से लेकर आज 20 सालों में RIL को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। पिछले 20 सालों से कंपनी ने आय, मुनाफा, नेटवर्थ, एसेट, मार्केट कैप में डबल डिजिट ग्रोथ दिखाई है। के आर चोकसी के देवेन चोकसी ने इस कंपनी को डिटेल में मैप किया है। देवेन चोकसी इस कंपनी को पिछले बीस साल से ही नहीं बल्कि उसके पहले से इसे परख रहे हैं। इसका विश्लेषण कर रहे हैं। उनसे जानते हैं इन 20 सालों में मुकेश अंबानी की लीडरिशप का गेम चेंजिंग मोमेंट कौन सा रहा है-

20 साल पहले डिजिटल रोडमैप रखा था सामने

देवेन चोकसी ने कहा कि जब मैंने 20 साल पहले मुकेश अंबानी को सुना था तब उन्होंने उस समय डिजिटल रोडमैप रखा था। ये उस समय की बात है रिलायंस इंफोकॉम जैसी कंपनी सामने नहीं आई थी। उस समय उन्होंन 2020 के लिए अपनी विजन सामने रखा था। आज जो ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा देख रहे हैं उसके बारे में उन्होंने उस समय ही बात की थी। उन्होंने कहा था कि कोई भी कंपनी जब तक अपनी सुविधाएं या प्रोडक्ट लेकर डायरेक्ट कंज्यूमर तक नहीं पहुंचती तब तक उसे बड़े पैमाने पर फायदा नहीं होता है।

उन्होंने आगे कहा कि उस समय कहा मुकेश अंबानी ने कहा था कि जब कंपनी अपना प्रोडक्ट डायरेक्ट कंज्यूमर के पास ले जाती है तो आपको प्राइसिंग पावर मिलती है। जबकि बी2बी की स्थिति में आपको प्राइसिंग पावर नहीं मिलती है। उस समय पेट्रोकेमिकल्स का ही बिजनेस करते थे तब उनकी दूरदर्शिता इस प्रकार की थी। मुकेश अंबानी ने उस समय ही टेलीकॉम वेंचर के बारे में अपने विचार जाहिर किये थे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें