फैसले लेने में देरी, क्लाइंट्स के खर्चों में कटौती जैसी वजहों ने बिगाड़ा Infosys का खेल

जून तिमाही में कॉन्स्टेंट करेंसी के लिहाज से भले ही इंफोसिस की ग्रोथ बाकी आईटी कंपनियों के मुकाबले बेहतर रही हो, लेकिन कंपनी के गाइडेंस ने निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी ने अपना गाइडेंस 4-7 पर्सेंट से घटाकर 1-3.5 पर्सेंट कर दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2023 की चौथी तिमाही में भी इंफोसिस की परफॉर्मेंस निराशाजनक रही थी और कंपनी ने पिछले साल की गाइडेंस भी मिस की थी

अपडेटेड Jul 20, 2023 पर 10:13 PM
Infosys का जून तिमाही में मुनाफा 11 फीसदी बढ़कर 5,945 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही में कॉन्स्टेंट करेंसी के लिहाज से भले ही इंफोसिस (Infosys) की ग्रोथ बाकी आईटी कंपनियों के मुकाबले बेहतर रही हो, लेकिन कंपनी के गाइडेंस ने निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी ने अपना गाइडेंस 4-7 पर्सेंट से घटाकर 1-3.5 पर्सेंट कर दिया है। कंपनी के CEO सलिल पारेख (Salil Parekh) का कहना था कि कंपनी ने पहली तिमाही में कुछ बड़ी डील की और इससे जुड़ी प्रक्रियाओं में देरी हो रही है।

उन्होंने कहा, 'हमें इस फाइनेंशियल ईयर के आखिरी हिस्से में बड़े सौदों से काफी रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। संबंधित तिमाही में कुछ इंडस्ट्री में हमारे क्लाइंट्स से जुड़ी वॉल्यूम प्रभावित हुई। दरअसल, ये क्लाइंट्स अहम प्रोजेक्ट्स में कमी कर रहे थे या उन्होंने फैसले लेने की प्रक्रिया धीमी कर दी।' इन वजहों से गाइडेंस को कम करना पड़ा।

पारेख के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में क्लाइंट्स कुछ अहम प्रोग्राम और कम जरूरी काम रोक सकते हैं या इसकी रफ्तार धीमी कर सकते हैं। खास तौर पर मॉर्गिज, एसेट मैनेजमेंट, इनवेस्टमेंट बैंकिंग व पेमेंट्स और टेलीकॉम में ऐसा हो सकता है। उन्होंने कहा, 'हमें हाई-टेक इंडस्ट्री और रिटेल के कुछ हिस्सों में कुछ असर दिख सकता है।'

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एनालिस्ट्स के साथ बैठक में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नीलांजन रॉय ने कहा कि गाइडेंस में गिरावट की मुख्य वजह अनुमान से कम वॉल्यूम और गैर-जरूरी क्षेत्रों में बड़ी डील की संख्या में गिरावट है। उन्होंने कहा कि पिछली गाइडेंस का अपर बैंड ज्यादा संख्या में बड़ी डील के हिसाब था, जबकि लोअर बैंड बेस वॉल्यूम पर आधारित थी, जिसका असर पहली और दूसरी तिमाही में दिखेगा।

गाइडेंस की 1 पर्सेंट की निचली रेंज के बारे में पारेख का कहना था कि कंपनी ने वॉल्यूम, पहली तिमाही वाले कम अहम प्रोजेक्ट्स और बड़ी डील से जुड़े अनुमानों को देखकर यह फैसला किया है। उन्होंने कहा, 'कई तारीखें आगे बढ़ गई हैं और वॉल्यूम में सुस्ती है। हमने इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निचले रेंज में 1 पर्सेंट का गाइडेंस तय किया है।' हालांकि, पारेख का यह भी कहना था कि कंपनी के पास अभी भी पाइपलाइन में कई बड़ी डील हैं।

फाइनेंशियल ईयर 2023 की चौथी तिमाही में भी इंफोसिस की परफॉर्मेंस निराशाजनक रही थी और कंपनी ने पिछले साल की गाइडेंस भी मिस की थी। कंपनी ने उस वक्त परफॉर्मेंस में गिरावट के लिए प्रोजेक्ट रद्द होने और कुछ प्रोजेक्ट के टलने आदि को जिम्मेदार बताया था। इंफोसिस का कहना था कि आने वाले समय में चीजें बेहतर होंगी। कंपनी द्वारा वर्क पाइपलाइन बेहतर बताए जाने के बावजूद अब तक इसका कुछ असर नहीं दिख रहा है।

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