देश की दिग्गज आईटी कंपनी Wipro ने रिस्ट्रिक्टेड ADS रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट 2004 प्लान के तहत कुछ कर्मचारियों को 134 लाख रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट (RSU) जारी किए हैं। कंपनी ने यह जानकारी स्टॉक एक्सचेज को एक रेगुलेटरी फाइलिंग के जरिए दी है। हालांकि विप्रो ने इन यूनिटों की एक्सरसाइज्ड प्राइस और वेस्टिंग पीरियड के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। यह ग्रांट 11 अगस्त से प्रभावी हो गया है।
बताते चलें कि तमाम कंपनियां अपने कर्मचारियों को नियुक्ति शर्तों और उनके परफॉर्मेंस के टारगेट पूरा होने पर RSU जारी करती हैं। इनकी एक निश्चित परिपक्ता अवधि और डिस्ट्रीब्यूएशन शेड्युल भी होता है। विप्रो ने कहा है कि वह जुलाई 2022 से अपने मिडलेवल के कर्मचारियों को तिमाही आधार पर प्रमोशन देगी और सितंबर से वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी।
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में विप्रो के एट्रिशन (नौकरी छोड़कर जाने वाले) थोड़ी नरमी आई है और ये तिमाही आधार पर 23.3 फीसदी पर रही है। लेकिन सालाना आधार पर यह काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। कंपनी टैलेंट को रोके रखने के लिए RSU जैसे स्कीम, प्रमोशन और वेतन बढ़ोतरी का सहारा ले रही है।
30 जून 2022 को खत्म तिमाही के दौरान विप्रो ने 15446 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की है जिसमें से 10000 फ्रेशर हैं। इसके पहले कंपनी के लीडरशिप की तरफ से कहा गया था कि एट्रिशन कंपनी के लागत ढ़ांचे पर भारी दबाव बना रहा है क्योंकि किसी के टेलेंटेड कर्मचारी के कंपनी छोड़ने के बाद उसकी जगह पर होने वाली नई नियुक्ति के चलते कंपनी 25-30 फीसदी की अतिरिक्त बोझ बढ़ता है।