मुश्किल में जूझ रहा Yes Bank अपने बिजनेस को पटरी पर लाने के लिए एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) शुरू करने की तैयारी में है। बैंक ने इसके लिए संभावित निवेशकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) मंगाए हैं। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट के मायने हैं कि जो भी कंपनी Yes Bank के इस बिजनेस प्लान में भागीदारी या निवेश करना चाहती है वह आवेदन भेज सकती है। Yes Bank ने अर्नेस्ट एंड यंग इस प्रोजेक्ट के लिए एडवाइजर नियुक्त किया है।
Yes Bank ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मंगाने के लिए अखबार में विज्ञापन दिया था। इस विज्ञापन में बैंक ने मजबूत बैलेंसशीट वाली और डिस्ट्रेस्ड एसेट बिजनेस में काम करने वाली कंपनियों से आवेदन मंगाए हैं। Yes Bank ने विज्ञापन में ये भी कहा है कि संभावित निवेशक ARC के लीड पार्टनर या स्पॉन्सर हो सकते हैं।
पहले भी Yes Bank यह संकेत दे चुका है कि वह हाल ही में प्रस्तावित नेशनल एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (NACL) या बैड बैंक का हिस्सा नहीं बनेगा। Yes Bank का मानना है कि वह अपनी एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी बनाकर ज्यादा बेहतर ढंग से लोन रिकवरी कर सकता है।
इसके अलावा निवेशक की इतनी क्षमता हो कि वह भारतीय बाजार में भी 0.5 अरब डॉलर का निवेश कर सके। संभावित निवेशकों के पास डिस्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट और NPA की वसूली में ग्लोबल एक्सपीरियंस होना भी जरूरी है।
Yes Bank के नई पहल के बारे में एनालिस्ट का कहना है कि इससे बैंक को अपने बैड एसेट्स की सफाई करने में मदद मिलेगी।