वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) को 516 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2014 की तीसरी तिमाही में आईओबी को 75 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) को 516 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वित्त वर्ष 2014 की तीसरी तिमाही में आईओबी को 75 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 2015 की तीसरी तिमाही में आईओबी की ब्याज आय 2.9 फीसदी घटकर 1357 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2014 की तीसरी तिमाही में आईओबी की ब्याज आय 1398 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही दर तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में आईओबी का ग्रॉस एनपीए 7.35 फीसदी से बढ़कर 8.12 फीसदी रहा। तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में आईओबी का नेट एनपीए 5.17 फीसदी से बढ़कर 5.52 फीसदी रहा।
रुपये में आईओबी के एनपीए पर नजर डालें तो तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में ग्रॉस एनपीए 13334 करोड़ रुपये से बढ़कर 14500 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर नेट एनपीए 9109 करोड़ रुपये से बढ़कर 9511 करोड़ रुपये रहा।
तिमाही आधार पर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में आईओबी की प्रोविजनिंग 892 करोड़ रुपये से बढ़कर 1183 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में प्रोविजनिंग 811 करोड़ रुपये रही थी।
तिमाही आधार पर तीसरी तिमाही में आईओबी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.07 फीसदी से घटकर 2.05 फीसदी रहा। आईओबी का कहना है कि 31 दिसंबर 2014 तक प्रोविजन कवरेज रेश्यो 50.03 फीसदी रहा।
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