31 अक्टूबर 2011


सीएनबीसी आवाज़


रेडिंग्टन इंडिया के सीएफओ एस वी कृष्णनन का कहना है कि ब्याज लागत में आई बढ़ोतरी से कंपनी के मुनाफे पर असर देखने को मिला है।


एस वी कृष्णनन के मुताबिक आनेवाले दिनों में पश्चिम एशिया के कारोबार में सुस्ती की आशंका नजर आ रही है। हालांकि वित्त वर्ष 2012 में रेडिंग्टन इंडिया के कारोबार में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है।


एस वी कृष्णनन का मानना है कि वित्त वर्ष 2012 में रेडिंग्टन इंडिया के मुनाफे में सालाना आधार पर 24 फीसदी की बढ़त रहने की उम्मीद है।


वित्त वर्ष 2012 की दूसरी तिमाही में रेडिंग्टन इंडिया का मुनाफा 24.5 फीसदी बढ़कर 61 करोड़ रुपये हो गया है। मौजूदा वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में रेडिंग्टन इंडिया की बिक्री 39.8 फीसदी बढ़कर 5,434 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।


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