वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 7.3 फीसदी बढ़कर 485.4 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 452.3 करोड़ रुपये रहा था।
वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 7.3 फीसदी बढ़कर 485.4 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक का मुनाफा 452.3 करोड़ रुपये रहा था।
हालांकि वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक की ब्याज आय सिर्फ 1 फीसदी बढ़कर 1351 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2014 की पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक की ब्याज आय 1337 करोड़ रुपये रही थी।
वहीं तिमाही दर तिमाही आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में सिंडिकेट बैंक के ग्रॉस एनपीए 2.62 फीसदी से बढ़कर 2.97 फीसदी रहे। तिमाही आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में सिंडिकेट बैंक के नेट एनपीए 1.56 फीसदी से बढ़कर 1.88 फीसदी रहे।
रुपये में एनपीए की बात करें तो तिमाही आधार पर पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक का ग्रॉस एनपीए 13.7 फीसदी बढ़कर 5243 करोड़ रुपये रहा। नेट एनपीए 20.2 फीसदी बढ़कर 3271 करोड़ रुपये रहा।
तिमाही आधार पर अप्रैल-जून तिमाही में सिंडिकेट बैंक ने 631.5 करोड़ रुपये के मुकाबले 468 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 489 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की थी।
तिमाही आधार पर पहली तिमाही में सिंडिकेट बैंक का कैपिटल एडेक्वेसी रेश्यो (बासल-3) 11.41 फीसदी से घटकर 10.80 फीसदी रहा।
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