केंद्र सरकार को उम्मीद है कि एक्सिस बैंक (Axis Bank) में बची हुई हिस्सेदारी का मेजोरिटी स्टेक बेचने से उसे 4000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। केंद्र सरकार Axis Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए रिटेल और नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लेकर आई थी, जो अब खत्म हो गई है।
DIPAM सेक्रेटरी तुहिन कांता पांडेय (Tuhin Kanta Pande) ने कहा कि Axis Bank के OFS को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। तुहिन कांता पांडेय ने कहा कि इस OFS से स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (SUTTI) को 4000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार के एक्सिस बैंक में अपनी बची हुई हिस्सेदारी के स्टेक सेल को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स ने इस इश्यू को 4 गुना ओवर-सब्सक्राइब किया है। तुहिन कांता पांडेय ने बताया कि SUTTI ने एक्सिस बैंक के 58 मिलियन इक्विटी शेयर यानी एक्सिस बैंक के 1.95% शेयर को बेचने के लिए ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल किया।
आपको बचा दें कि बाजार में तेजी का फायदा उठाते हुए केंद्र सरकार ने SUTTI के द्वारा रखे गए एक्सिस बैंक के 1 करोड़ शेयर बेचे जिसकी कीमत 600 करोड़ रुपये के करीब थी। 31 मार्च तक Axis Bank में SUTTI की 3.45% हिस्सेदारी थी, जो इस स्टेक सेल के बाद अब केवल 1.5% रह जाएगी।
आपको बता दें कि संसद ने वर्ष 2002 में UTI को दो कंपनियों में बांट दिया था, जब कंपनी करा US-64 इंवेस्टमेंट प्लान खतरे में पड़ गया था। सरकार ने UTI को UTI Asset Management Co. Pvt. Ltd और SUUTI में विभाजित कर दिया था। UTI Asset Management यूटीआई का एश्योर्ड रिटर्न इंवेस्टमेंट प्लान देखती है और SUTTI मार्केट-लिंक्ड प्लान संभालती है।
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