GST Council की शुक्रवार को हुई 45वीं बैठक में दुनिया की सबसे मंहगी दवा Zolgngelsma (जोलगेन्स्मा) को जीसएटी से छूट देने का फैसला किया गया। इसके अलावा एक और महंगी इंपोर्टेड दवा Viltetso (विल्टेप्सो) को जीएसटी से छूट दी गई। बच्चों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इन दवाओं पर अब जीएसटी नहीं लगेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "कुछ जीवन रक्षक दवाएं जो बहुत महंगी हैं, जो बच्चों के लिए ज्यादा इस्तेमाल की जाती हैं। ये कोरोना से संबंधित नहीं हैं। ऐसी ड्रग्स को जीएसटी से छूट दी गई है। इसपर अब जीएसटी नहीं लगेगा। ज़ोलगेन्स्मा और विल्टेप्सो ऐसी ही 2 महत्वपूर्ण ड्रग्स हैं।"

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बता दें कि इन इंपोर्टेड दवाओं के एक डोज की कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। इनकी गिनती दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में होती है। हाल में भारत में कई बच्चों के इलाज में इस दवा की जरूरत महसूस की गई। कई बच्चों के मां-बाप ने तो सोशल मीडिया के जरिए लोगों से इस दवा को खरीदने के लिए दान देने की अपील थी। कई मामलों में यह भी देखा गया कि पैसा जुटाने में मां-बाप को इतना समय लग गया कि बच्चे की जान नहीं बचाई जा सके।

जीएसटी काउंसिल के जीएसटी माफ करने के फैसले के बाद से इस दवा की कीमत कुछ कम हो जाएगी। काउंसिल ने इसके अलावा कोरोना के इलाज में होने वाली दवाओं पर दी जीएसटी दरों में छूट को 31 दिसंबर तक बढ़ाने का ऐलान किया। पहले यह छूट सिर्फ 30 सितंबर तक थी।

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इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने सात और दवाओं जीएसटी दर को 12 पर्सेंट से घटाकर 5 पर्सेंट करने का ऐलान किया। इन दवाओं में Itolizumab, Posaconazole, Infliximab, Bamlanivimab and Etesevimab, Casirivimab and Imdevimab, 2-Deoxy-D-Glucose और Favipiravi दवा शामिल है।

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