केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि सरकार Bad Bank  की तरफ से बैंकों को जारी होने वाली सिक्योरिटी रिसीट को गांरटी देगी। यह गारंटी 31,600 करोड़ रुपए को होगी।

बैड बैंक के सिक्योरिटी रिसीट्स पर सरकार की गारंटी 5 साल के लिए वैलिड रहेगा। इसके साथ ही एक इंडिया डेट रेज्योलूशन कंपनी भी बनाई जाएगा। नेशनल एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) में सरकार की हिस्सेदारी 51 फीसदी होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 6 साल में बैंकों ने 5,01,479 करोड़ रुपए उगाहे हैं। 3.1 लाख करोड़ रुपए मार्च 2018 से अब तक बैंकों ने रिकवर किए हैं। सिर्फ 2018-19 में बैंकों ने 1.2 लाख करोड़ रुपए का लोन रिकवर किया जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

वित्त मंत्री ने कहा कि 2015 की एसेट क्वालिटी रिव्यू के बाद बैड लोन की रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई है।

क्या है Bad Bank?

बैड बैंक भी एक तरह का बैंक है, जिसकी स्थापना दूसरे वित्तीय संस्थानों से बैड लोन को खरीदने के लिए हुई है। इससे ये बैड लोन उन वित्तीय संस्थानों के एकाउंट से हट जाएंगे और उनके वित्तीय स्थिति मजबूत हो जाएगी।

यह भी जानकारी मिली है कि बुधवार 15 सितंबर को केंद्रीय कैबिनेट की हुई बैठक में एनपीए के समाधान के तहत राष्ट्रीय संपत्ति पुनर्गठन कंपनी (एनएआरसीएल) द्वारा जारी सिक्योरिटी रिसीट्स पर सरकारी गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।

31,600 करोड़ रुपए की गारंटी

भारतीय बैंक संघ (IBA) की अनुमान के मुताबिक, सरकार ने  31600 करोड़ रुपए की गारंटी मंजूर कर ली है। आईबीए को बैड बैंक बनाने का काम सौंपा गया है। प्रस्तावित बैड बैंक या एनएआरसीएल लोन के लिए सहमत मूल्य का 15 फीसदी नकद में भुगतान करेगा और बाकी 85 फीसदी सरकार की गारंटी वाली सिक्योरिटी रिसीट्स में होगा।

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