पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की LPG कमेटी का सब्सिडी, इम्पोर्ट ड्यूटी को समान करने का सुझाव

प्राइवेट कंपनियों को एलपीजी इम्पोर्ट के लिए 5 प्रतिशत की इम्पोर्ट ड्यूटी चुकानी होती है

अपडेटेड Sep 18, 2021 पर 8:44 AM
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पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) मार्केटिंग पर बनाई गई कमेटी ने सरकारी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच सब्सिडी रेट्स और इम्पोर्ट ड्यूटी को लेकर स्थिति समान बनाने का सुझाव दिया है। कंपनी ने LPG मार्केटिंग के मौजूदा ढांचे पर अपनी रिपोर्ट दी है।

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, इकोनॉमिस्ट किरीट पारिख की अगुवाई वाली कमेटी ने LPG की मार्केटिंग के लिए कंपनियों की न्यूनतम नेटवर्थ 10 से 25 करोड़ रुपये रखने को कहा है।

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मौजूदा नियमों के तहत, LPG का इम्पोर्ट करने वाली प्राइवेट कंपनियों को 5 प्रतिशत की इम्पोर्ट ड्यूटी चुकानी होती है जबकि सरकारी कंपनियों के लिए इम्पोर्ट पर कोई ड्यूटी नहीं है।

इस वजह से सरकारी पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियां LPG की मार्केटिंग में दबदबा रखती हैं। सरकारी कंपनियों की LPG वॉल्यूम 261 लाख टन जबकि प्राइवेट कंपनियों की केवल 2.04 लाख टन है।

LPG (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) ऑर्डर के तहत प्राइवेट कंपनियां LPG की मार्केटिंग कर सकती हैं।


कमेटी के ये सुझाव भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) के विनिवेश से पहले आए हैं।

केंद्र सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में LPG के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए उज्जवला योजना भी शुरू की है।

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