स्टेनलेस स्टील का प्राइस गुरुवार को अभी तक के हाई लेवल पर पहुंच गया। इसमें लगभग 7 प्रतिशत की तेजी आई थी और शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत में यह लगभग 2 प्रतिशत अधिक था। स्टील के प्राइस में तेजी का हाल का कारण चीन में निकेल और पिग आयरन के प्रोडक्शन में कमी होने की आशंका है। यह स्टील के लिए महत्वपूर्ण रॉ मैटीरियल है और इस वजह से स्टील के प्राइसेज बढ़े हैं।
इसके अलावा कम इनवेंटरी, चीन से सप्लाई घटने और डिमांड में बढ़ोतरी से भी स्टील के प्राइसेज बढ़ रहे हैं।
पिछले महीने चीन में स्टील का प्रोडक्शन लगभग 4 प्रतिशत घटा था। यह पिछले वर्ष मार्च के बाद से सबसे कम है। पिछले वर्ष अगस्त में चीन में स्टील प्रोडक्शन 9.48 करोड़ टन का था जो इस वर्ष के समान महीने में घटकर 8.34 करोड़ रहा। यह वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 90 लाख टन की कमी है।
इससे स्टील की कई वेराइटी के प्राइसेज में तेजी आई है। स्टील रिबार का प्राइस इस वर्ष 22 प्रतिशत और HRC स्टील का लगभग 30 प्रतिशत बढ़ा है।
चीन में स्टील का प्रोडक्शन कम होने का फायदा भारतीय स्टील कंपनियों को मिल सकता है। इन कंपनियों के लिए एक्सपोर्ट मार्केट में प्राइसेज बढ़ सकते हैं।