पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों (West Bengal Elections 2021) के बाद भड़की हिंसा (Post-Poll Violence) की कई अलग-अलग घटनाओं की जांच के लिए केंद्र की तरफ बनाई गई चार सदस्यीय समिति ने आज अपनी रिपोर्ट सौंप दी। एक सरकारी बयान के अनुसार, फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी के सामने पेश की गई।
सुप्रीम कोर्ट की वकील, संयोजक मोनिका अरोड़ा के नेतृत्व में बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों के समूह (GIA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी के सामने "बंगाल में खेला 2021" (Khela in Bengal 2021) शीर्षक से बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा पर एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट पेश की है।
महिलाओं के साथ हुआ दुर्व्यवहार और बलात्कार
न्यूज18 के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया कि सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों ने चुनाव के बाद हिंसा फैलाई थी, जिसमें पुरुषों को डराया धमकाया और पीटा गया। साथ ही महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और बलात्कार जैसी घटना भी हुई। इसके अलावा बच्चों को भी डराया और धमाकाया।
पैनल ने रिपोर्ट में कहा कि हिंसा के दौरान "खेला होबे" का नारा भी लगाया गया। पैनल ने बताया कि इस हिंसा में सबसे ज्यादा गरीब अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग प्रभावित हुए। साथ ही मांग की गई केंद्रीय एजेंसियों से इन घटनाओं की जांच कराई जानी चाहिए, साथ ही पीड़ितों उचित न्याय मिलना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारणों का पता लगाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की चार सदस्यीय टीम ने इससे पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की थी। मंत्रालय ने राज्यपाल से बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी रिपोर्ट मांगी थी, खासकर 2 मई को विधानसभा चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद।
पैनल ने कैसे तैयार की रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि अलग-अलग घटनाओं में उसके छह सदस्य मारे गए। टीम ने दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में कई स्थानों का दौरा किया था और मृतक के परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों से बात की थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में चुनाव के बाद हुई हिंसा में 16 लोगों की जान चली गई। BJP ने आरोप लगाया है कि TMC समर्थित गुंडों ने उसके कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी, महिला सदस्यों पर हमला किया, घरों में तोड़फोड़ की और दुकानों में लूटपाट की।
आरोपों को खारिज करते हुए, बनर्जी ने कहा कि उन क्षेत्रों में हिंसा और झड़पें हो रही हैं, जहां भगवा पार्टी के उम्मीदवार विधानसभा चुनावों में जीते हैं।