J&K: हिज्बुल चीफ के दो बेटों सहित 11 कर्मचारी सरकारी नौकरी से बर्खास्त, आतंक से जुड़े हैं तार

सभी 11 लोगों पर आरोप है कि वो लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करते थे और उन्हें सुरक्षा बलों की जानकारी देते थे
अपडेटेड Jul 11, 2021 पर 14:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जम्मू-कश्मीर सरकार के 11 कर्मचारियों को शनिवार 10 जुलाई को नौकरी से निकाल दिय गया। मिंट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि निकाले गए 11 लोगों में दो हिज्बुल मुजाहिद्दीन के संस्थापक सईद सलाहुद्दीन के दो बेटे भी शामिल हैं।


सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी मामलों की जांच कर रहे कमिटी ने अपने दूसरी मीटिंग में 3 लोगों और चौथी मीटिंग में 8 लोगों को नौकरी से हटाने की सिफारिश की थी। संविधान में शामिल प्रावधान के तहत कमिटी ने इन लोगों को नौकरी से बर्खास्त करने की सिफारिश की थी।


सरकारी सूत्रों ने बताया कि दूसरी बैठक में तीन अधिकारियों को नौकरी से हटाने की सिफारिश की गई थी। इन लोगों पर आरोप है कि ये कुपवाड़ा में लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करते थे। वे आतंकियों को सुरक्षा बलों से जरूरी जानकारी मुहैया कराते थे और आतंकियों को शरण देते थे।


अनंतनाग के दो टीचर को भी बर्खास्त किया गया है। वो भी जांच में देशद्रोही गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। उनपर आरोप है कि वो कट्टर धार्मिक संगठन जमात-इस्लामी और दुख्तरण-ए-मिलात के साथ जुड़े हुए थे और उनके लिए काम करते थे।


कमिटी की चौथी मीटिंग में जिन 8 लोगों को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई थी उसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के दो कॉन्सटेबल भी शामिल हैं। ये आतंकियों को अंदरूनी जानकारियां मुहैया कराते थे। सूत्रों का कहना है कि कॉन्सटेबल अब्दुल राशीद शिगन ने सुरक्षा बलों पर हमले को अंजाम दिया था।

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