कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को धार देने के लिए देशभर के किसान आज मुजफ्फरनगर के GIC मैदान में जुटकर महापंचायत करेंगे। इसमें 300 से अधिक किसान संगठन शामिल हो रहे हैं। 60 किसान संगठन पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से हैं। इसमें कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महापंचायत में किसानों ने 500 लंगर शुरू किए हैं। इसके अलावा 100 मेडिकल शिविल लगाए हैं। इसमें 5,000 वॉलंटियर भी बनाए गए हैं।
इस महापंचायत को देखते हुए पुलिस भी अलर्ट हो गई है। महापंचायत में कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पुलिस तैनात की गई है। इसके लिए कई जिलों के बाहर की भी पुलिस बुलाई गई है। ADG मेरठ जोन के राजीव सभरवाल ने बताया कि मुजफ्फरनगर महापंचायत के लिए 20 सीओ, एक डीआईजी, सात एसपी (शामली, सहारनपुर, बागपत भी शामिल) आठ कंपनी पीएसी और दो कंपनी आरएएफ को अतिरिक्त लगाया गया है।
वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि हरियाणा के सभी किसान संगठनों से जुड़े किसान महापंचायत में शामिल होने जाएंगे। महापंचायत से संदेश दिया जाएगा कि कृषि कानून वापस नहीं किया तो घर वापसी नहीं होगी। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि महापंचायत में कुछ तो खास होगा, क्या होगा यह मोर्चा ऐलान करेगा। उन्होंने कहा कि हमें देश की फिक्र है, लेकिन राज्य और केंद्र सरकार को देश या किसानों की कोई फिक्र नहीं है।
BKU नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसानों को महापंचायत तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता, अगर वे हमें रोकते हैं, तो हम बैरियर तोड़कर आगे बढ़ेंगे। हर राज्य का प्रतिनिधित्व होगा।