प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार को कोविड-19 वैक्सीन बनाने वाली सात भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब भारत ने अपने नागरिकों को वैक्सीन की 100 करोड़ डोज देने की उपलब्धि हासिल की है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी से इस मुलाकात में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, भारत बायोटेक, डा. रेड्डीज लेबोरेटरीज, जाइडस कैडिला, बॉयोलॉजिकल ई, जेन्नोवा बायोफार्मा और पेनेसिया बायोटेक के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि प्रधानमंत्री इस दौरान भारत की सभी पात्र आबादी का जल्द से जल्द वैक्सीनेशन करने और सभी के लिए वैक्सीन मंत्र के तहत अन्य देशों की मदद करने पर बल दे सकते हैं।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में अब तक वैक्सीन की 101.30 करोड़ डोज दी जा चुकी है। भारत ने 21 अक्टूबर को महामारी के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान के तहत एक अरब डोज का आंकड़ा पार कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी जिसके लिए दुनियाभर से देश को बधाई मिलने का सिलसिला जारी है।
देश में वैक्सीनेशन के पात्र वयस्कों में से 75 प्रतिशत से अधिक लोगों को कम से कम एक डोज लग चुकी है, जबकि करीब 31 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सभी पात्र लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है।
कोरोना वैक्सीनेशन मुहिम की शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी और इसके पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाए गए थे। इसके बाद दो फरवरी से फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सीनेशन शुरू हुआ था।
वैक्सीनेशन अभियान का अगला चरण एक मार्च से शुरू हुआ, जिसमें 60 साल से अधिक आयु के सभी लोगों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाने शुरू किए गए. देश में 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का वैक्सीनेशन एक अप्रैल से शुरू हुआ था और 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों का वैक्सीनेशन एक मई से शुरू हुआ।
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