केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने पर रजिस्ट्रेशन फीस (Registration Charges) और रिन्यूअल फीस (Renewal Fee) नहीं देनी होगी। बयान के अनुसार, देश में ई-वाहन को बढ़ावा देने के इरादे से यह कदम उठाया गया है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसने बैटरी से चलने वाले वाहनों के लिए रजिस्ट्रेश सर्टिफिकेट (Registration Certificates) जारी करने या उसके रिन्यूअल को लेकर शुल्क भुगतान से छूट के लिए अधिसूचना जारी की है।

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मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने बैटरी चालित वाहनों को नए रजिस्ट्रेशन मार्क (New Registration Mark) को लेकर भी शुल्क भुगतान से छूट दी है। इस संबंध में एक अधिसूचना 2 अगस्‍त, 2021 को जारी कर दी गई है।

इलेक्ट्रिक टू-व्‍हीलर निर्माता रेवोल्‍ट मोटर्स ने बुधवार को कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्‍ट्रेशन फीस से छूट दिए जाने से ऐसे वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, रतनइंडिया प्रवर्तित कंपनी ने कहा कि सरकार द्वारा ईवी को रजिस्‍ट्रेशन शुल्‍क से छूट दिए जाने का फैसला इलेक्ट्रिक वाहनों को ग्राहकों के लिए किफायती बनाएगा।

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आपको बता दें कि केंद्र एवं राज्‍य सरकारों द्वारा इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर तमाम प्रोत्‍साहन दिए जाने के बाद अब केंद्रीय मोटन वाहन अधिनियम, 1989 में ईवी के लिए रजिस्‍ट्रेशन शुल्‍क में छूट देने का संशोधन किया गया है। केंद्र सरकार ने हाल ही में इलेक्ट्रिक टू-व्‍हीलर्स के लिए फेम-2 प्रोत्‍साहन में 50 फीसदी का इजाफा किया है।

अब इलेक्ट्रिक टू-व्‍हीलर्स पर 10,000 रुपये किलोवाट प्रति घंटा से बढ़ाकर प्रोत्‍साहन 15,000 रुपये किलोवाट प्रति घंटा कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले ही पांच प्रतिशत GST स्‍लैब में रखा गया है, जबकि पेट्रोल वाली मोटरसाइकिलों को 28 फीसदी स्‍लैब में रखा गया है। जानकारों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से ऐसी गाड़ियों की कीमतों में कमी आएगी।

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