देशभर में कोरोना के सेकेंड वेव के कारण हालात बेकाबू हैं और रोज संक्रमण के 4 लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। देश के अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं थप हैं और अस्पताल मेडिकल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं। देशभर के अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुचारू रूप से आपूर्ति हो, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज एक 12 सदस्यीय नेशनल टास्कफोर्स का गठन किया है।
नेशनल टास्कफोर्स देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता और आपूर्ति का आकलन और सिफारिश करेगी कि किस राज्य को कितना ऑक्सीजन चाहिए, ताकि कोविड से लड़ रहे लोगों की जान बचाई जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टास्क फोर्स अभी और भविष्य के लिए पारदर्शी और पेशेवर आधार पर महामारी की चुनौतियों का सामना करने के लिए इनपुट देगा साथ ही इससे निपटने के लिए रणनीति भी बनाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह टास्कफोर्स वैज्ञानिक और तर्कसंगत आधार पर राज्यों को ऑक्सीजन देने के लिए एक कार्यप्रणाली तैयार करेगा, ताकि किसी राज्य में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत नहीं हो। आपको बता दें कि दिल्ली, कर्नाटक समेत कई राज्य ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर शिकायत कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टास्क फोर्स एक सप्ताह के भीतर काम करना शुरू कर देगी। साथ ही टास्कफोर्स को निर्देश दिया कि वह सरकार और सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपे। सरकार को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करे। केंद्र सरकार टास्क फोर्स को सभी जरूरी सहायता देगी।
साथ ही उसे राज्य सरकारें और अस्पताल भी सहयोग देंगे। नेशनल टास्क फोर्स का कार्यकाल शुरू में 6 महीने का होगा। जब तक टॉस्कफोर्स अपनी सिफारिशें नहीं देता है, तब तक केंद्र ऑक्सीजन के आवंटन का मौजूदा अभ्यास जारी रखेगा।
12 सदस्यीय होगा टास्कफोर्स
टास्कफोर्स में जिन 12 सदस्यों को नामित किया गया है, उनमें पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ भबतोष विश्वास, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली के अध्यक्ष डॉ देवेंद्र सिंह राणा, नारायण हेल्थकेयर, बेंगलुरु के अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक डॉ देवी प्रसाद शेट्टी, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर के प्रोफेसर डॉ गगनदीप कांग, मेदांता अस्पताल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ नरेश त्रेहन मुख्य रूप से शामिल हैं।
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