केंद्र सरकार आम बजट (Union Budget) पेश करने से पहले आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) जारी करती है। इस सर्वे में देश के विभिन्न सेक्टर्स के मौजूदा आर्थिक हालात का जायजा लिया जाता है। वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट से पहले वित्त मंत्रालय ने आज वर्ष 2020-21 का Economic Survey पेश किया। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा स्पेस सेक्टर के लिए लाए गए रिफॉर्म से इस सेक्टर को काफी लाभ हुआ है। आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत में सरकार द्वारा फंडेड 40 से अधिक स्टार्टअप्स (Startups) स्पेस सेक्टर में काम कर रहे हैं।
आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि सराकर द्वारा उठाए गए कदमों और प्राइवेट कंपनियों को स्पेस सेक्टर में एंट्री देने के फैसले के कारण देश में स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर एक इको-सिस्सटम तैयार हुआ है जो भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) की अगुवाई और देखरेख में काम कर रहे हैं। अभी देश में 40 से अधिक स्पेस गवर्मेंट फंडेड Startups हैं और आने वाले वर्षों में इनकी संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने जून 2020 में स्पेस सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया था और इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड अथॉराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) की स्थापना की थी, जिसका काम स्पेस सेक्टर में निवेश और एंट्री के लिए कंपनियों के प्रोत्साहित करना है।
देश में बढ़ रहा इनोवेशन, लेकिन और सपोर्ट की जरूरत
Economic Survey में कहा गया है कि भारत ने 2007 में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स की शुरुआत के बाद से 2020 में पहली बार टॉप 50 इनोवेटिव कंट्री (Innovating Country) के क्लब में प्रवेश किया। सेंट्रल और साउथ एशिया में इनोवेशन के मामले में पहले पायदान पर पहुंच गया, जबकि मिडिल इनकम वाले देशों में भारत का तीसरा स्थान है। इसमें कहा गया है कि भारत को दुनिया के टॉप-10 देशों में शामिल होने की महत्वाकांक्षा रखनी चाहिए। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में प्राइवेट कंपनियों को इनोवेशन के लिए प्रेरित करने के लिए वित्तीय सहायता की जरूरत है।
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