अमेरिकी इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (DFC) के प्रमुख डेविड मारचिक ने भारत की अपनी यात्रा से पहले कहा कि भारत वैक्सीन का पावरहाउस है और वैक्सीन के निर्माण में देश के साथ अमेरिका के काम करने से लोगों की जिंदगियां बच रही हैं। यूनाइटेड स्टेट्स इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन अमेरिका का विकास बैंक है जो दुनियाभर में विकासशील देशों में निवेश करता है।
डीएफसी के COO (Chief Operating Officer) मारचिक के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त प्रतिनिधिमंडल 24 से 26 अक्टूबर तक भारत की यात्रा करेगा। उन्होंने कहा कि भारत डीएफसी की 2.3 अरब डॉलर से अधिक धन राशि के निवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा साझेदार है।
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उन्होंने हाल में पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि हमारे पास महत्वाकांक्षी योजना है। हम आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने और अमेरिका तथा भारत के बीच संबंध मजबूत करने के लिए भारत के साथ काम करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
डीएफसी के COO अभी दक्षिण अफ्रीका की यात्रा कर रहे हैं जहां से उनके भारत आने का कार्यक्रम है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आमतौर पर डीएफसी लोगों की जिंदगियों को बेहतर बनाने के लिए काम करता है। वैक्सीन के निर्माण पर भारत के साथ हमारा काम लोगों की जिंदगियां बचा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत वैक्सीन का पावरहाउस है। भारत बड़ी संख्या में वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है। महामारी से निपटने के लिए निश्चित तौर पर भारत एक अहम हिस्सा है। मारचिक ने कहा कि भारत का एक अरब वैक्सीनेशन का लक्ष्य तय करना असाधारण है।
उन्होंने कहा कि डीएफसी का ध्यान खासतौर पर चार क्षेत्रों- जलवायु, स्वास्थ्य, इक्विटी और लैंगिक अवसरों तथा टेक्नोलॉजी पर है। जाहिर तौर पर ये भारत की अर्थव्यवस्था के विकास के लिए चार अहम क्षेत्र हैं।
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