स्किन के लिए खतरनाक है एयर पॉल्यूशन, डैमेज हो सकती है आपकी त्वचा, नई स्टडी में हुआ ये बड़ा खुलासा

हवा में मौजूद प्रदूषक पार्टिकुलेट मैटर (PM) न केवल हमारी फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह खून के संचार में भी असर डाल सकता है और इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं

अपडेटेड Jan 06, 2025 पर 1:11 PM
स्कीन के लिए खतरनाक है एयर पॉल्यूशन

Air Pollution Disease :  एयर पॉल्यूशन से इस समय पूरी दुनिया परेशान है और एशिया के कई देशों में तो ये एक गंभीर समस्या बन गई है। एयर पॉल्यूशन  के कारण दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की जान जा रही है। दुर्भाग्य से भारत भी उन देशों में शामिल है, जहां एयर पॉल्यूशन एक गंभीर समस्या है। भारत की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर अब डेंजर लेवल तक पहुंच गया है। एयर पॉल्यूशन के कारण इंसानों को तरह-तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि एयर पॉल्यूशन का असर अब इंसानों के स्किन पर पड़ रहा है और इससे लोगों को स्किन संबंधी बीमारियां भी हो रही हैं।

नई स्टडी में हुई बड़ा खुलासा

अमेरिका के येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक नई स्टडी में एयर पॉल्यूशन से इंसानों को होने वाली स्वास्थ्य संबधी बीमारियों को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक नई स्टडी में पता चला है कि हाई एयर पॉल्यूशन वाले एरिया में रहने वाले लोगों को स्किन हेल्थ से जुड़ी परेशानियां ज्यादा देखने को मिलती हैं। बता दें कि ऐसे एरिया में रहने वाले लोगों को स्किन हेल्थ से जुड़ी समस्या एक्जिमा होने का खतरा ज्यादा रहता है। बता दें कि येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के एक नई स्टडी में दो लाख से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया और उनपर एयर पॉल्यूशन से पड़ने वाले प्रभावों को देखा गया।


इस बीमारी का ज्यादा खतरा

इस स्टडी में पता चला कि जिन जगहों पर हवा में पीएम 2.5 का स्तर अधिक होता है, वहां रहने वाले लोगों को स्कीन की बीमारी एक्जिमा होने का खतरा डबल होता है। बता दें कि पीएम 2.5 के स्तर के अधिक होने का मतलब है कि हवा में गाड़ियों, कारखानों और आग से निकलने वाले छोटे पार्टिकल मौजूद हैं और ये आदमी के बालों से 30 गुना छोटे होते हैं। इस स्टडी में शामिल 4.4 प्रतिशत लोगों को एक्जिमा था। रिसर्च करने वाली संस्था ने कहा कि इससे पता चलता है कि जो लोग पार्टीकुलेट मैटर के संपर्क में हैं,उनमें एक्जिमा होने की संभावना सबसे ज्यादा है।

लंग्स खराब कर रही है प्रदूषित हवा

बता दें कि हवा में मौजूद प्रदूषक पार्टिकुलेट मैटर (PM) न केवल हमारी फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह खून के संचार में भी असर डाल सकता है और इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। एक स्टडी में डॉ. जेफरी कोहेन और उनकी टीम ने पाया कि अगर हवा में PM 2.5 का स्तर 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बढ़ जाए, तो एक्जिमा होने की संभावना दोगुनी हो जाती है।

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