हर साल 14 जून को पूरी दुनिया में वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जाता है। ये खास दिन उन अनगिनत लोगों को सलाम करने का मौका देता है, जो बिना किसी लालच के रक्तदान करके दूसरों को नई जिंदगी देते हैं। खून की कमी से हर साल लाखों लोग अपनी जान गंवा देते हैं, ऐसे में रक्तदाता समाज के लिए असली नायक होते हैं। इस साल वर्ल्ड ब्लड डोनर डे और भी खास है क्योंकि इस बार यह अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस साल की थीम है — ‘रक्त दे, आशा दे, साथ मिलकर जीवन बचाते हैं।’
इस थीम का मकसद यही है कि ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आकर रक्तदान करें और जरूरतमंदों को उम्मीद की नई किरण दें। आइए इस दिन पर हम भी संकल्प लें कि स्वस्थ रहते हुए नियमित रूप से खून दान करेंगे और किसी की मुस्कान का कारण बनेंगे।
रक्तदान करना किसी जीवनदान से कम नहीं होता। एक स्वस्थ व्यक्ति अपने खून से कम से कम तीन मरीजों को नया जीवन दे सकता है। भारत जैसे देश में हर दो सेकंड में किसी न किसी को खून की जरूरत पड़ती है। ऐसे में अगर ज्यादा लोग नियमित रक्तदान करने लगें तो कई जानें बचाई जा सकती हैं।
किन्हें नहीं करना चाहिए रक्तदान?
रक्तदान से पहले ये जानना बेहद जरूरी है कि कुछ लोग ब्लड डोनेट नहीं कर सकते। आइए जानें कौन लोग रक्तदान से बचें —
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन्हें कैंसर, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियां हैं या जिनकी इम्यूनिटी बहुत कमजोर रहती है, उन्हें रक्तदान नहीं करना चाहिए।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को खून का ज्यादा पोषण चाहिए होता है। इसलिए उन्हें भी ब्लड डोनेट करने से परहेज करना चाहिए।
हाल में टैटू या पियर्सिंग करवाने वाले
अगर आपने हाल ही में टैटू बनवाया है या कान-नाक छिदवाया है तो चार महीने तक रक्तदान न करें। स्किन या मेकअप ट्रीटमेंट कराने वालों को भी यही सलाह दी जाती है।
वजन कम होने पर भी न करें रक्तदान
18 साल से ऊपर जिन लोगों का वजन 49 किलो से कम है, वे ब्लड डोनेट नहीं कर सकते। वजन सही रखना जरूरी है ताकि डोनेशन के बाद शरीर में कमजोरी न आए।
अगर किसी को माइनर एनीमिया है और वो स्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह से रक्तदान कर सकते हैं। लेकिन जिन लोगों में एनीमिया सीवियर है, उन्हें खून बिल्कुल नहीं देना चाहिए।
रक्तदान करने से होते हैं कई फायदे
ब्लड डोनेशन सिर्फ दूसरों के लिए नहीं, बल्कि खुद के लिए भी फायदेमंद है। रक्तदान से शरीर में नया खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है। साथ ही रक्तदान से पहले पूरा बॉडी चेकअप भी होता है, जिससे आपको अपनी हेल्थ की सही जानकारी मिलती है। आयरन ओवरलोड को रोकने और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा घटाने में भी ब्लड डोनेशन मददगार है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।