Cancer: पंजाब-हरियाणा के लोग पी रहे हैं जहर, जमीन से निकल रही है मौत, पानी में आर्सेनिक की भरमार, बढ़ा कैंसर का खतरा

Punjab Haryana water: भारत में जल संकट के बीच पानी में आर्सेनिक की मात्रा बढ़ती हुई नजर आ रही है। पंजाब और हरियाणा का भूजल खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। यहां मानक से ज्यादा पानी में धातुएं पाई जाती हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब हरियाणा के पानी में यूरेनियम, नाइट्रेड और आर्सेनिक पाए गए हैं। इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है

अपडेटेड Feb 12, 2025 पर 3:22 PM
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Punjab Haryana water: जांच रिपोर्ट में हरियाणा में 16 और पंजाब के 20 जिलों का पानी बेहद खतरनाक पाया गया है।

पंजाब और हरियाणा में पानी का संकट गहराता जा रहा है। यह समस्या गंभीर होती जा रही है। इसके साथ ही भूजल में कई ऐसे तत्व पाए गए हैं जो मानक से ज्यादा हैं। इससे इन दोनों राज्यों में कैंसर और किडनी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हरियाणा के भूजल में आर्सेनिक, यूरेनियम जैसी भारी धातुएं मानक से ज्यादा पाई गई हैं। वहीं पानी में फ्लोराइड, नाइट्रेट और आयरन तय मानक से सवा दो गुना तक ज्यादा मिले हैं। इस रिपोर्ट के बाद दोनों राज्यों में हड़कंप मच गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब के 20 और हरियाणा के 16 जिलों में भूजल की क्वालिटी बेहद खराब है। यूरेनियम का स्तर 30 पीपीबी से ज्यादा मिला है। इसके नमूने मई 2023 में एकत्र किए गए थे। कहा जा है कि साल 2019 की रिपोर्ट में यह संख्या हरियाणा में 17 और पंजाब में 18 जिलों में यह समस्या थी। अब जिलों की संख्या बढ़ गई है।

पंजाब और हरियाणा के पानी से कैंसर का खतरा


कहा जा रहा है कि जिस पानी में यूरेनियम की मात्रा 30 पीपीबी से ज्यादा रहती है। वो पानी पीने लायक नहीं रहता है। इससे कई अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने 13 दिसंबर को संसद में कहा था कि घग्गर नदी से सटे अंबाला, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल बेल्ट के भूजल में हैवी मेटल और प्रदूषण से कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा में 1 लाख आबादी पर औसत 102 लोगों में कैंसर के लक्षण मिल रहे हैं। 4 साल में कैंसर मरीज 11.27 फीसदी बढ़े हैं। कैंसर के मामलों में हरियाणा देश में तीसरे नंबर पर है।

इन जिलों में मिला आर्सेनिक

भिवानी, फतेहाबाद, करनाल, रोहतक व सोनीपत में आर्सेनिक की मात्रा तय मानक 10 पीपीबी (पार्ट्स प्रति बिलियन) से अधिक मिली है। यह 100 मीटर तक की गहराई से निकाले गए पानी में पाया जाता है। इसके नीचे इसका असर खत्म हो जाता है।

इन जिलों में मिला नाइट्रेट

नाइट्रेट का मानक 45 मिलीग्राम प्रति लीटर है। यह अंबाला, भिवानी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर में अधिक मिला है।

जानिए आर्सेनिक क्या है

आर्सेनिक एक प्राकृतिक तत्व है, जो धातु जैसा दिखता है। यह पानी, भोजन और हवा के जरिए शरीर में पहुंचता है। अगर शरीर में आर्सेनिक की मात्रा 0.05 मिग्रा./लीटर से अधिक हो जाए, तो यह जहरीला हो जाता है। इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे पता करें कि पानी में आर्सेनिक ज्यादा है?

जिस पानी में आर्सेनिक की मात्रा ज्यादा हो, उसे आंखों, नाक या स्वाद से नहीं पहचाना जा सकता है। ऐसा पानी भी बिल्कुल सामान्य दिखता है। आर्सेनिक की मौजूदगी को जानने का एकमात्र तरीका पानी की जांच करवाना ही है।

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