कैंसर, जो दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की जान ले लेता है, अब एक नई उम्मीद के रूप में सामने आ रहा है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने कैंसर को मात देने के लिए एक कदम उठाया है। वे एक ऐसी वैक्सीन विकसित कर रहे हैं, जो कैंसर के विकास को 20 साल पहले ही रोक सकेगी। यह वैक्सीन कैंसर कोशिकाओं को शरीर में पनपने से पहले ही पहचान कर नष्ट कर सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड और जीएसके की टीम का मानना है कि कैंसर का विकास धीरे-धीरे होता है, और यह प्रक्रिया लगभग 20 साल तक जारी रह सकती है। इस समय के दौरान कैंसर कोशिकाएं अदृश्य रहती हैं, जिन्हें अब इस वैक्सीन के जरिए पकड़ा जा सकता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैक्सीनेशन कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहचानकर उसे खत्म करने में मदद करेगी, जिससे बीमारी का बढ़ना पूरी तरह रुक जाएगा। अगर यह वैक्सीन सफल हो जाती है, तो यह कैंसर के इलाज में एक नई क्रांति ला सकती है।
कैंसर को 20 साल पहले रोकने का दावा
यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड और जीएसके के वैज्ञानिक एक नई वैक्सीन पर काम कर रहे हैं, जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं का पता लगा सकती है और उसे 20 साल पहले ही नष्ट कर सकती है। ये वैक्सीन प्री-कैंसर स्टेज में कैंसर कोशिकाओं को टारगेट करेगी, जिससे कैंसर का विकास ही नहीं होगा।
कैंसर को विकसित होने में लंबा समय लगता है
प्रोफेसरों ने बताया कि कैंसर को विकसित होने में दो दशक तक का समय लग सकता है। यह इसलिए क्योंकि सामान्य कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदलने में लंबा समय लगता है। इस समयावधि के दौरान कैंसर कोशिकाएं अदृश्य रहती हैं, और यही वह समय है जब यह वैक्सीन प्रभावी हो सकती है।
नई तकनीकी प्रगति के कारण वैक्सीन का विकास
जीएसके-ऑक्सफोर्ड कैंसर इम्यूनो-प्रिवेंशन प्रोग्राम के तहत वैज्ञानिक प्री-कैंसर के खिलाफ एक वैक्सीन विकसित करने में सफल रहे हैं। इसके लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कैंसर कोशिकाओं की पहचान और उन्हें रोकना संभव हो पाया है।
वैक्सीनेशन से कैंसर को रोका जा सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैक्सीन से कैंसर के फैलने से पहले ही उसे रोका जा सकेगा, जिससे कैंसर की दर में काफी कमी आ सकती है। इस प्रोग्राम के लिए जीएसके ने 50 मिलियन (करीब 538 करोड़ रुपये) का निवेश किया है।
नए शोध से उम्मीदें बढ़ी हैं
वैज्ञानिक पहले ही कैंसर के फैलने से पहले कुछ महत्वपूर्ण ट्यूमर स्पेसिफिक प्रोटीन की पहचान कर चुके हैं, जिन्हें वैक्सीन द्वारा रोकने की योजना है। यदि यह वैक्सीन सफल साबित होती है, तो कैंसर के खिलाफ जंग को जीतने की दिशा में यह एक बड़ा कदम हो सकता है।