विटामिन-K हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। यह हड्डियों और दिल को स्वस्थ रखता है। यही नहीं यह चोट लगने से होने वाली ब्लीडिंग को रोकने में भी मदद करता है। यह विटामिन कई रोगों से लड़ने में भी मदद करता है। विटामिन K की कमी से कैसर का खतरा बढ़ सकता है। इसकी कमी से हड्डियां टूटने लगती हैं। उनमें कमजोरी आ जाती है। इसके अलावा, विटामिन K शरीर की कोशिकाओं के लिए भी जरूरी होता है। विटामिन K की कमी के कारण लिवर से जुड़ी बीमारियां और आंतों के रोग आम तौर पर देखे जाते हैं। शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन K नहीं होने पर घाव भी जल्दी नहीं भरता है।
बता दें कि शरीर में कहीं भी चोट लगने से जब खून निकलने लगता है तो कुछ ही देर में उस जगह पर ब्लीडिंग की एक परत बनकर सूख जाती है। ताकि शरीर से अधिक खून ना बह सके। ये खून में मौजूद प्रोथोम्बिन नामक प्रोटीन की वजह से होता है। प्रोटीन के लिए शरीर को विटामिन की जरूरत होती है।
जानिए रोजाना किसे कितना विटामिन K लेना चाहिए
गर्भवती महिलाओं को - 90 माइक्रोग्राम
स्तनपान कराने वाली महिलाओं को - 120 माइक्रोग्राम
अन्य महिलाओं को - 90 माइक्रोग्राम
पुरुषों को - 120 माइक्रोग्राम
0-6 महीने के बच्चों को - 2 माइक्रोग्राम
7-12 महीने के बच्चों को - 2.5 माइक्रोग्राम
1-3 वर्ष के बच्चों को - 30 माइक्रोग्राम
4-8 वर्ष के बच्चों को - 55 माइक्रोग्राम
9-13 वर्ष के बच्चों को - 60 माइक्रोग्राम
इन चीजों का करें सेवन, विटामिन K की कमी होगी पूरी
1 - पालक में विटामिन K का अच्छा स्रोत है। इसमें beta-carotene की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है। जिससे इम्यूनिटी बढ़ती है। आंखों की रोशनी तेज करने में मदद मिलती है। इसमें विटामिन A और C जैसे एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा पाई जाती है।
2 - हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे गोभी, साग, ब्रोकली, बींस, बथुआ मेथी में पोटेशियम की मात्रा पाई जाती है।
3 - दूध दही पनीर मक्खन जैसी चीजों में विटामिन K की भरपूर मात्रा पाई जाती है।
4 - विटामिन K की कमी पूरी करने के लिए अनार, पपीता, सेब का भी सेवन कर सकते हैं।
6 - शलजम और चुकंदर में भी विटामिन K भरपूर मात्रा में पाया जाता है। चुकंदर का जूस सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है।
7 - विटामिन K की कमी को पूरा करने के लिए सोयाबीन की फलियों का भी सेवन कर सकते हैं। एक कप फली में केले से ज्यादा पोटैशियम होता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।