डेंगू की बीमारी एकबार फिर तेजी से बढ़ने लगी है और अभी बच्चे इसके सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। डेंगू से बचने का सबसे बेहतर उपाय ये है कि आप मच्छर पनपने ही ना दें। लेकिन अगर फिर भी आपको डेंगू हो गया तो आप पपीता के पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन पत्तियों में इतना गुण है कि ये डेंगू में ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में काफी मदद करती हैं।
अगर आप रोज पपीते के पत्तों का जूस बनाकर पीते हैं तो इससे ब्लड प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ता है। डेंगू, मलेरिया या दूसरे वायरल फीवर में ब्लड प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। ऐसे में पपीते के पत्ते किसी जादू की तरह काम करते हैं। इन पत्तियों मे मौजूद एंजाइम्स रक्त कोशिकाओं को मजबूत बनाकर इम्युनिटी को बढ़ाते हैं।
आज कल शुगर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पपीतों के पत्तों में खास गुण है पपीते के पत्तों का रस पीने से इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है जिससे डायबिटीज को काबू में किया जा सकता है।
पपीते के पत्तों से इम्युनिटी बूस्ट
पपीतों के पत्तों में मौजूद विटामिन C और A मौजूद होता है। इसमें भरपूर एंटीऑक्सिडेंट्स होता है जो आपके इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। इससे शरीर में संक्रमण नहीं फैलता है।
पपीतों के पत्तों में पपैन और चायमोपपैन पाया जाता है। इससे कब्ज में राहत मिलती है और पाचन तंत्र मजबूत होता है।
बालों के लिए कमाल है पपीते का रस
पपीते का रस सिर्फ हेल्थ के लिए नहीं बल्कि बालों के लिए भी कमाल है। अगर इसके रस का रेगुलर इस्तेमाल किया जाता है तो बाल कम गिरते हैं और डैंड्रफ से भी राहत मिलती है। इसके इस्तेमाल से बाल के जड़ भी मजबूत होते हैं।
पपीते का रस कैसे बनाते हैं?
पपीते के 4-5 पत्ते तोड़ लें और धोकर उन्हें पीस लें। ये पेस्ट गाढ़ा हो सकता है इसलिए इसमें पानी मिलाकर छान लें। हर दिन सिर्फ दो चम्मच रस पीएं। इससे ज्यादा आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। पपीते के पत्ते कड़वे होते हैं तो इसका रस भी कड़वा होता है। ऐसे में अगर आप ज्यादा रस पीएंगे तो मुश्किल में फंस जाएंगे। गर्भवती महिलाओं को भी ये रस नहीं पीना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दिए गए सलाह पुराने नुस्खों के आधार पर बताई गई हैं। कोई भी उपाय आजमाने से पहले डॉक्टरों की सलाह जरूर लें।