दिवाली के बाद अचानक मौसम में हुए बदलाव के चलते शाम और सुबह के वक्त तापमान में गिरावट देखी जा रही है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ेगी कई सारी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ेगा। खासकर ऐसे मौसम में डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में उन्हें ठंड में सबसे ज्यादा अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ता है। डॉक्टरों की मानें तो सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी काफी कमजोर हो जाती है, जिस कारण डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर बताते हैं कि इस मौसम में डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
सर्दियों में इन तीन चीजों से रहें दूर
सदर अस्पताल में आयुष विभाग के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि डायबिटीज और ब्लड प्रेशर गैर संचारी रोग की कैटेगरी में आते हैं, जो सीधे तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। लेकिन जेनेटिक कारणों से यह परिवार के दूसरे सदस्यों में फैल सकता है। उन्होंने बताया कि ब्लड प्रेशर वाले लोगों को सफेद नमक, सफेद मैदा, सफेद चीनी खाने से परहेज करना चाहिए।
सफेद नमक, मैदा और चीनी की जगह करें इसका सेवन
डॉ. प्रभात कुमार बताते हैं कि सर्दियों में डायबिटीज और BP मरीजों को काफी सावधानी रखने की जरूरत होती है। उन्हें सफेद नमक की जगह सेंधा नमक, काला नमक, मैदा की जगह आटा, चीनी की जगह गुड़ का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए यूज करें आंवला और गाजर
उन्होंने बताया कि ठंड में हार्ट की ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड का फ्लो कम हो जाता है। इस मौसम में लोगों को शरीर को अंदरूनी गर्माहट देने वाले भोजन को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए और ठंड से बचाने वाले कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए।
डॉ. प्रभात कुमार कहते हैं कि ठंड के मौसम में गाजर एक बेहद पसंदीदा सब्जी है। यह डायबिटीज रोगियों के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। गाजर में एक खास तरह का फाइबर पाया जाता है, जो खून में शुगर के फ्लो को कंट्रोल करता है। यह पाचन को धीमा कर ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकता है। वहीं आंवला ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने में मदद करता है।