जब भी किसी को हड्डी में दर्द, सूजन या कोई गांठ महसूस होती है, तो अक्सर इसे चोट या थकान मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार यह बोन ट्यूमर का संकेत हो सकता है। जाने माने डॉक्टर्स का कहना है कि हड्डी में होने वाला ट्यूमर असल में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होती है, जो गांठ बनाकर उभरती है।
बोन ट्यूमर दो तरह के होते हैं
सौम्य यानी (Benign) ऐसे ट्यूमर जानलेवा नहीं होते और धीरे-धीरे बढ़ते हैं।
डॉक्टर्स बताते हैं कि यह बीमारी बच्चों, यंग लोग और बुजुर्ग सभी को हो सकती है। बच्चों में अक्सर सौम्य ट्यूमर देखे जाते हैं, जबकि बुजुर्गों में यह किसी अन्य कैंसर (जैसे ब्रेस्ट या प्रोस्टेट) से हड्डियों में फैल सकता है। अगर किसी ने पहले रेडिएशन थेरेपी ली हो या परिवार में कैंसर की हिस्ट्री हो, तो खतरा और भी बढ़ जाता है।
अगर ट्यूमर के लक्षणों की बात करें तो:
हड्डी में दर्द या सूजन, रात के समय बढ़ता दर्द, किसी एक स्थान पर गांठ या कठोरता, बिना चोट के हड्डी का टूट जाना है। इन लक्षणों को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
सबसे बड़ी बात ये है कि पहले जहां हड्डी के कैंसर का इलाज अंग काटने से होता था, वहीं अब लिंब साल्वेज सर्जरी की मदद से ट्यूमर को निकालकर शरीर के उस अंग को बचाया जा सकता है। इसके अलावा कीमोथेरेपी, रेडिएशन, क्रायोथेरेपी जैसी आधुनिक तकनीकें भी अब उपलब्ध हैं।