Heart Attack आए तो सबसे पहले क्या करना चाहिए! पता होगा तो बच जाएगी जान

छाती पर प्रेशर करने के साथ ही समय-समय पर सांस देना शरीर में हवा और ऑक्सीजन की कमी को दूर करता है। जब तक डॉक्टर की मदद नहीं पहुंचती, तब तक यह प्रक्रिया जारी रखना होती है क्योंकि हार्ट अटैक के बाद मरीज को जिंदा रखने का यही एक रास्ता है

अपडेटेड Aug 22, 2025 पर 6:23 PM
Heart Attack: हार्ट अटैक आने के बाद किसी को बचाने का बस एक प्राथमिक उपचार CPR है

कोरोनावायरस संक्रमण के बाद दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं बहुत ज्यादा हो रही हैं। यहां तक कि कई बार हेल्दी दिखने वाले लोगों को हार्ट अटैक आता है और उनकी मौत हो जाती है। ऐसे में सबसे जरूरी ये जानना है कि अगर आपके सामने किसी को हार्ट अटैक आए तो क्या करना चाहिए।

हार्ट अटैक से तुरंत रिलीफ दिलाने की ये तकनीक जानना जरूरी है। ये तकनीक सिर्फ डॉक्टर या नर्स नहीं बल्कि आम आदमी भी जान सकते हैं और इसकी मदद से किसी की जान बचाई जा सकती है।

हार्ट अटैक में सबसे जरूरी है CPR


डॉक्टर के मुताबिक, किसी को हार्ट अटैक आने पर उसके दिल में दर्द होने के साथ उसे सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी होता है उसकी दिल की धड़कन और सांस दोबारा बहाल करना जरूरी होता है। इसके लिए CPR का सही तरीके से इस्तेमाल करना आना चाहिए। पश्चिम बंगाल के मालदा में जिला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निरीक्षणालय के अधिकारियों ने बताया कि यह खास ट्रेनिंग सिर्फ एक स्कूल में ही नहीं, बल्कि जिले के लगभग हर स्कूल में छात्रों को दिया जाएगा।

अगर किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आने के बाद वह बेहोश हो जाए, तो सबसे पहले उसे सपाट और कठोर सतह पर सीधे लिटाएं। अब उसके सीने के बीच दोनों हाथों की हथेलियां रखें और पूरे शरीर का वजन डालते हुए तेजी से दबाएं। एक मिनट में करीब 100 से 120 बार उसकी छाती को दबाएं। हर 30 दबाव के बाद उसकी नाक बंद करें और मुंह से दो बार सांस दें।

यह प्रेशर हार्ट के लिए पंप की तरह काम करता है। इससे खून के साथ ऑक्सीजन शरीर और मस्तिष्क तक पहुंचता रहता है। साथ ही, समय-समय पर सांस देना शरीर में हवा और ऑक्सीजन की कमी को दूर करता है। जब तक डॉक्टर की मदद नहीं पहुंचती, तब तक यह प्रक्रिया जारी रखना होती है क्योंकि हार्ट अटैक के बाद मरीज को जिंदा रखने का यही एक रास्ता है। सही CPR देना न केवल जीवन रक्षक है, बल्कि यह हृदय और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान से भी बचाता है।

यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक डॉक्टर या मेडिकल सहायता न पहुंचे या मरीज की सांसें और धड़कन फिर से शुरू न हो जाएं। CPR देने से शरीर को ऑक्सीजन मिलता रहता है, जिससे मरीज की जान बच सकती है।  दिल का दौरा पड़ने पर इस एक प्राथमिक उपचार से भी जान बचाई जा सकती है। यही वजह है कि मालदा के कई स्कूलों में बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है।

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