गर्मी में ये गलतियां बन सकती है जानलेवा, झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स
गर्मी का असर किसी को भी हो सकता है, लेकिन ये लोग सबसे ज़्यादा जोखिम में ऐसे लोग रहते हैं जो, 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के हो यानी बुजुर्ग, नवजात और छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और जो पहले से गंभीर या पुरानी बीमारी से जूझ रहे हों। गर्मी के मौसम में इन लोगों को अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने पर ज्यादा ध्यान देने चाहिए
MoneyControl News
अपडेटेड May 06, 2025 पर 5:30 PM
गर्मी के इस मौसम में सबसे जरुरी है खुद को हाइड्रेटेड रखना
Hot Weather Precautions : पूरे देश में इन दिनों तेज गर्मी पड़ रही है। हांलाकि बीच-बीच में हो रही बारिश, तपमान को जरुर कम कर रहा है पर बारिश के बाद लोगों भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ पूरे उत्तर भारत में गर्मी का मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। खासकर तब जब हीटवेव का दौर चल रहा हो। तेज धूप, चिलचिलाती गर्मी और उमस भरी हवाएं न केवल असहजता बढ़ाती हैं बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकती हैं। इस मौसम में हीट स्ट्रोक, हीट एक्सॉशन, दिल का दौरा या स्ट्रोक जैसी समस्याएं होती हैं। गर्मी के इस मौसम में सबसे जरुरी है खुद को हाइड्रेटेड रखना, आइए जानते हैं उसके कुछ आसान टिप्स
किन लोगों को ज्यादा खतरा
गर्मी का असर किसी को भी हो सकता है, लेकिन ये लोग सबसे ज़्यादा जोखिम में ऐसे लोग रहते हैं जो, 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के हो यानी बुजुर्ग, नवजात और छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और जो पहले से गंभीर या पुरानी बीमारी से जूझ रहे हों। गर्मी के मौसम में इन लोगों को अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने पर ज्यादा ध्यान देने चाहिए ताकी उनके शरीर में पानी की कमी ना हो और इसकी वजह से वो बीमार ना पड़े।
गर्मी में खुद को कैसे रखे हाइड्रेटेड
गर्मियों में ज्यादा तापमान से शरीर पर असर पड़ सकता है, इसलिए खुद को हाइड्रेटेड रखना बहुत ज़रूरी है। नीचे कुछ आसान उपाय दिए गए हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं:
अगर आपके पास AC है, तो उसका तापमान 26-27˚C पर रखें और साथ में पंखा धीमे चलाए। इससे बिजली की खपत कम होगी।
जब घर का तापमान 39-40˚C से कम हो, तो पंखा भी काफी राहत देता है।
स्प्रे बोतल या गीले स्पंज से शरीर को तर करें। इससे शरीर की गर्मी कम होती है।
एक तौलिये को ठंडे पानी में भिगोकर सिर पर रखें या गले के चारों ओर लपेटें।
अगर बर्फ उपलब्ध हो, तो उसे एक गीले कपड़े में लपेटकर गर्दन पर रखें। हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
अगर आप घर से बाहर रहते हों और आपके रूम काफी गर्म है तो दोपहर में ठंडी जगहों पर जाने की सोचे, जैसे किसी मॉल या लाइब्रेरी।
खिड़कियों पर पर्दे या ब्लाइंड लगाकर धूप को अंदर आने से रोकें।
जब भी आप धूप में हों या कोई मेहनत वाला काम कर रहे हों, तो प्यास लगने का इंतजार न करें, लगातार थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
अगर डॉक्टर ने आपके पानी पीने की मात्रा सीमित की हो, तो उनसे पूछें कि गर्मी में कितना पानी पीना सही रहेगा।
घर से बाहर जाते समय पानी की बोतल ज़रूर साथ रखें।
ये हैं डिहाइड्रेशन के लक्षण
तेज़ प्यास लगना
चक्कर आनामुँह सूखना
थकावट
गहरे रंग का या बदबूदार पेशाब आना
सामान्य से कम पेशाब आना
गर्मी से बचने के लिए पहले से तैयारी करें
गर्मियों में ज्यादा गर्मी से खुद को सुरक्षित रखने के लिए पहले से तैयारी करना ज़रूरी है। नीचे कुछ आसान उपाय दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप और आपके परिवार के लोग गर्मी के प्रभाव से बच सकते हैं
पहले से योजना बनाएं:
बहुत गर्म दिनों में गैर-ज़रूरी बाहर जाना टालें या बाद के लिए टाल दें।
अगर बाहर जाना ज़रूरी हो, तो दिन के सबसे ठंडे समय (सुबह या शाम) में जाएं।
बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें, छाया में चलें, और टोपी पहनें या सनस्क्रीन लगाएँ।
मौसम की जानकारी रखे
टीवी, रेडियो या मोबाइल ऐप के ज़रिए मौसम की जानकारी लेते रहें।
मौसम विभाग की चेतावनियों और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की जानकारी समय-समय पर लेते रहें।
जरूरी चीजों का स्टॉक रखें
खाना, पीने का पानी और जरूरी दवाइयां पहले से घर में रख लें ताकि गर्मी में बाहर न निकलना पड़े।
ध्यान रखें कि खाना और दवाइयां ठंडी जगह पर सही तरीके से स्टोर की गई हों।
अपने डॉक्टर से सलाह लें कि क्या गर्मी में आपकी दवाइयाँ बदलनी चाहिए।
घर को ठंडा रखने के उपाय
खिड़कियों पर पर्दे, छायादार कपड़े, शामियाने या बाहरी ब्लाइंड्स लगाएं।
दीवारों और छत पर इंसुलेशन या रिफ्लेक्टिंग कोटिंग करवाएं।
घर के आस-पास पेड़-पौधे लगाएं, ताकि प्राकृतिक छाया मिल सके।
बच्चों को गर्मी से कैसे सुरक्षित रखें
गर्म मौसम में छोटे बच्चों और शिशुओं को खास देखभाल की ज़रूरत होती है क्योंकि वे बड़े लोगों की तरह गर्मी सहन नहीं कर पाते।
कभी भी बच्चों को कार में अकेला न छोड़ें, चाहे कार कुछ समय के लिए ही क्यों न हो। बंद कार में तापमान बहुत तेज़ी से बढ़ता है।
गर्मी में शिशुओं को ज़रूरत से ज़्यादा दूध पिलाएं, चाहे स्तनपान हो या बोतल से। बड़े बच्चों को बार-बार पानी पीने के लिए कहें।
शिशुओं और छोटे बच्चों को हल्के, ढीले-ढाले और सूती कपड़े पहनाएँ ताकि उनका शरीर ठंडा रह सके।
गर्मी में बाहर काम करने वाले इन बातों का रखे ध्यान
गर्म मौसम में अगर आप बाहर काम कर रहे हैं या एक्सरसाइज़ कर रहे हैं, तो हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, कोशिश करें कि दिन के ठंडे समय (सुबह या शाम) में ही बाहर काम करें। ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें, जो पसीना सोखें और शरीर को ठंडा रखें। पानी बार-बार पीते रहें, चाहे प्यास न भी लगे। धूप से बचाव के लिए टोपी, चश्मा और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। अगर थकान, चक्कर, सिरदर्द या उल्टी जैसा कुछ लगे, तो तुरंत आराम करें और ठंडी जगह जाएँ।