अगर आप भी खाते हैं पिस्ता तो हो जाएं सावधान! इसके सेवन से 50 से अधिक लोग हुए बीमार, डॉक्टरों ने किए महत्वपूर्ण लक्षणों पर ध्यान देने की अपील

पिस्ता खाने से कई बीमारी होने की संभावना बढ़ रही है। कनाडा में पिस्ता से कई लोग बीमार हो गए और साथ ही डॉक्टरों ने सतर्क रहने की सलाह दी है।

अपडेटेड Aug 11, 2025 पर 6:21 PM
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हाल ही में पिस्ता और उससे बने उत्पादों में जहरीला बैक्टीरिया साल्मोनेला पाए जाने की खबर ने लोगों के बीच सनसनी फैला दी है। देश-विदेश के कई ब्रांड्स के पिस्ता से अब तक 50 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से कई अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने खास तौर पर पेट से जुड़े पांच लक्षणों का ख्याल रखने और ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल सलाह लेने की चेतावनी दी है।

साल्मोनेला क्या है और कैसे फैलता है?

साल्मोनेला एक फूडबोर्न बैक्टीरियल संक्रमण है जो दूषित भोजन या पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। यह संक्रमण मुख्यत बैक्टीरिया द्वारा आंतों में किया गया आक्रमण होता है, जिससे पेट के अंदर जलन, पानी की कमी और आंतों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। संक्रमित व्यक्ति को दस्त, बुखार, सिरदर्द, पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं होती हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है।


साल्मोनेला बैक्टीरिया दूषित सब्जियां, चिकन, फल, पोर्क, और ड्राई फ्रूट्स जैसे पिस्ता में भी पाया जाता है। इसके अलावा, गंदे हाथ, अस्वच्छ काटने वाले बोर्ड, चाकू से भी यह संक्रमण फैल सकता है। खेती में उपयोग होने वाला दूषित पानी भी बैक्टीरिया को फैलाने का जरिया होता है।

भारत समेत विदेशों में किस प्रकार फैला संक्रमण?

हालांकि भारत में पिस्ता से जुड़े संक्रमण के मामले सामने नहीं आए हैं, हाल ही में कनाडा में भी एक बड़े साल्मोनेला प्रकोप की खबर आई है जिसमें 52 लोग संक्रमित हुए और 10 गंभीर रूप से अस्पताल में भर्ती कराए गए। कनाडाई खाद्य निरीक्षण एजेंसी ने कई ब्रांडों के पिस्ता और पिस्ता से बने चॉकलेट, पेस्ट्री उत्पादों को रीकॉल किया है। स्वास्थ्य एजेंसियां इस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सतर्क हैं, लेकिन अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में और मामले बढ़ सकते हैं।

संक्रमण के प्रमुख लक्षण

बार-बार दस्त या पानी वाली दस्त – संक्रमण का पहला और सबसे खास संकेत होता है।

तेज बुखार और सिरदर्द – बुखार 100.4 डिग्री फ़ारेनहाइट (लगभग 38 डिग्री सेल्सियस) से ऊपर हो सकता है।

अजीर्ण और पेट में ऐंठन – पेट के अंदर जलन और मरोड़ महसूस होना।

उल्टी या जी मिचलाना – खाने के बाद उल्टी होना या पेट की बेचैनी।

कमजोरी और पानी की कमी महसूस होना – शरीर में डिहाइड्रेशन के कारण कमजोरी और चक्कर आना।

यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो लापरवाही न बरतें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉक्टरों की सलाह और रोकथाम

डॉक्टरों का कहना है कि साल्मोनेला संक्रमण में जल्द इलाज बेहद आवश्यक है, विशेषकर कमजोर रोगियों के लिए। संक्रमण की स्थिति में डाइट पर विशेष ध्यान दें, साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और संदिग्ध पिस्ता या उससे बने उत्पादों का सेवन बिलकुल बंद करें। सरकारी स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित पिस्ता ब्रांड को बाजार से वापस लेने के निर्देश भी जारी किए हैं।

साफ हाथ, ताजी और अच्छी तरह पकाई गई खाद्य सामग्री, और स्वच्छ पानी का इस्तेमाल कर आप इस संक्रमण से बचाव कर सकते हैं। खाने-पीने की चीजों को खुले में न रखें और कटिंग बोर्ड, चाकू व हाथों की सफाई करें।

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