हमारा शरीर किसी भी बीमारी से पहले उसके लक्षण दिखाना शुरू कर देता है, लेकिन अक्सर हम उन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हीं में से एक है होंठों का रंग बदलना। आमतौर पर बचपन में होंठ गुलाबी और चमकदार नजर आते हैं, जो शरीर के अच्छे स्वास्थ्य की निशानी माने जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, खानपान, आदतें और जीवनशैली बदलती है, वैसे-वैसे होंठों का रंग भी धीरे-धीरे बदलने लगता है। ये बदलाव सिर्फ बाहरी नहीं होता, बल्कि शरीर के अंदर चल रही किसी गड़बड़ी की तरफ भी इशारा कर सकता है।
होंठों का रंग लाल, पीला, सफेद, काला या जामुनी होना किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे में इन छोटे-छोटे लक्षणों को समय पर पहचानकर आप किसी गंभीर बीमारी से पहले ही सतर्क हो सकते हैं। आइए जानें होंठों के रंग और सेहत का आपस में क्या संबंध है।
यदि आपके होंठ सामान्य गुलाबी रंग से हटकर गहरे लाल दिखाई देने लगे हैं, तो ये लिवर से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है। लिवर की कार्यक्षमता कम होने पर शरीर में गर्मी बढ़ जाती है और इसका असर होठों पर दिखता है। इसके अलावा, एलर्जी या किसी प्रकार के इन्फेक्शन की वजह से भी होंठ ज्यादा लाल नजर आ सकते हैं।
जब होंठ दिखें पीले या सफेद
होंठों का रंग अगर पीला या सफेद हो जाए, तो ये शरीर में खून की कमी (एनीमिया) की तरफ इशारा करता है। खासकर जब हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है, तब होंठों की प्राकृतिक गुलाबी चमक फीकी पड़ जाती है। वहीं, लिवर से जुड़ी एक और स्थिति – जब बिलिरुबिन का स्तर बढ़ता है – तब होंठों का रंग पीला दिखने लगता है। वायरल बुखार या पीलिया जैसी स्थितियों में भी यह बदलाव दिखता है।
काले होंठ आमतौर पर आपकी आदतों और बाहरी चीजों के कारण होते हैं। सिगरेट या तंबाकू का सेवन करने वालों के होंठ अक्सर काले हो जाते हैं। वहीं, खराब क्वालिटी के ब्यूटी प्रोडक्ट्स या धूप में जरूरत से ज्यादा समय बिताने की वजह से भी होंठों का रंग बदल सकता है। अगर आप होठों की ठीक से देखभाल नहीं करते, तो इसका नतीजा भी रंग बदलने के रूप में सामने आता है।
होंठों का जामुनी हो जाना कभी-कभी ठंड की वजह से हो सकता है, लेकिन अगर ये रंग लंबे समय तक बना रहता है तो ये हृदय या फेफड़ों से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। ऑक्सीजन की कमी या खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण भी होंठों में जामुनीपन आ जाता है। इसके अलावा, पाचन तंत्र की खराबी भी इस रंग का कारण बन सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।