पैरों में नसों का दर्द एक आम लेकिन बेहद परेशान करने वाली समस्या है, जिसे अधिकतर लोग हल्के में लेकर नजरअंदाज कर देते हैं। अक्सर इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर मान लिया जाता है, लेकिन सच तो ये है कि ये दर्द शरीर में कई गंभीर परेशानियों की ओर संकेत भी कर सकता है। शुरू में हल्की चुभन या झनझनाहट से शुरू होकर ये दर्द धीरे-धीरे इतना बढ़ सकता है कि चलना-फिरना भी दूभर हो जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोग, ज्यादा देर खड़े रहने वाले या डायबिटीज के मरीज इस परेशानी के ज्यादा शिकार होते हैं।
पैरों की नसों में दर्द का कारण खून के प्रवाह में रुकावट से लेकर नसों में सूजन, चोट या किसी बीमारी तक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि इसके कारणों को समझकर सही समय पर इलाज किया जाए, ताकि दर्द को बढ़ने से रोका जा सके।
जब पैरों में खून का दौरा सही से नहीं होता तो नसों पर दबाव बढ़ जाता है। इस वजह से नसों में दर्द, सुन्नपन या झुनझुनी होने लगती है। घंटों बैठे रहना या एक ही जगह खड़े रहना इस दिक्कत को और बढ़ा सकता है।
कुछ लोगों में नसें फुलकर मोटी हो जाती हैं, जिसे वैरिकोज वेन्स कहते हैं। इसमें नसों के अंदर खून जमने लगता है, सूजन आ जाती है और पैरों में लगातार भारीपन और दर्द महसूस होता है। ज्यादा देर खड़े रहने पर तकलीफ और बढ़ जाती है।
नसों में खिंचाव या पुरानी चोट
गलत तरीके से कसरत करना या शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव डालना नसों में खिंचाव पैदा कर देता है। कई बार कोई पुरानी मोच या चोट भी नसों को बार-बार परेशान करती रहती है। इसलिए व्यायाम सही तरीके से करना जरूरी है।
डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक शुगर लेवल ज्यादा रहने से नसें कमजोर होने लगती हैं। इसके चलते पैरों में जलन, दर्द और झनझनाहट जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं और यह डायबिटीज का आम लेकिन गंभीर साइड इफेक्ट है।
कई बार अर्थराइटिस, किसी तरह का इंफेक्शन या विटामिन B12 की कमी से नसों में सूजन आ जाती है। सूजन के कारण नसों पर दबाव पड़ता है और दर्द बढ़ने लगता है। सही जांच और इलाज से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
अगर पैरों में नसों का दर्द बार-बार परेशान कर रहा है या सुन्नपन, जलन और कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज ना करें। डॉक्टर की सलाह लें और जरूरत के हिसाब से जांच कराएं। सही इलाज से इस दर्द को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।