Diabetes: अब डायबिजीट की टेंशन खत्म! भारत में जल्द लॉन्च होने जा रही वजन घटाने की ये दवा

Diabetes: भारत में लगभग 10 करोड़ लोग डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। मोटापा न सिर्फ डायबिटीज का एक बड़ा कारण है, बल्कि यह 200 से ज्यादा स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हुआ है। इनमें हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), दिल की बीमारियाँ (कोरोनरी हृदय रोग) और नींद से जुड़ी समस्या (स्लीप एपनिया) जैसी गंभीर स्थितियाँ शामिल हैं

अपडेटेड May 27, 2025 पर 9:03 PM
भारत में लगभग 10 करोड़ लोग डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।

डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) अगले कुछ हफ्तों में भारत में अपनी मशहूर वजन घटाने वाली दवा 'वेगोवी' (Wegovy) लॉन्च करने जा रही है। यह दवा दुनियाभर में मोटापे के इलाज में कारगर मानी जाती है। कंपनी इस कदम के जरिए भारत जैसे उभरते बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है, खासकर तब जब इसके पेटेंट की अवधि खत्म होने के करीब है।कंपनी ने मनीकंट्रोल को बताया, "हम इस साल भारत में वेगोवी (इंजेक्टेबल सेमाग्लूटाइड 2.4 मिलीग्राम) लॉन्च करने जा रहे हैं। यह दवा मोटापे के इलाज और वजन नियंत्रण के लिए पूरी चिकित्सीय क्षमता के साथ काम करती है।"

भारत में लॉन्च से पहले नोवो नॉर्डिस्क का बयान

डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने कहा है कि वे भारत में अपनी वजन घटाने वाली दवा वेगोवी को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कंपनी ने कहा कि वे सिर्फ दवा बेचने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इलाज की उपलब्धता, जागरूकता और मरीजों की पहुंच सुनिश्चित करने को भी अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। कंपनी के मुताबिक, भारत में मोटापे के इलाज की ज़रूरत तेज़ी से बढ़ रही है और वेगोवी जैसी आधुनिक दवाओं की मदद से इस चुनौती का समाधान किया जा सकता है।


बता दें कि भारत में लगभग 10 करोड़ लोग डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। मोटापा न सिर्फ डायबिटीज का एक बड़ा कारण है, बल्कि यह 200 से ज्यादा स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हुआ है। इनमें हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), दिल की बीमारियाँ (कोरोनरी हृदय रोग) और नींद से जुड़ी समस्या (स्लीप एपनिया) जैसी गंभीर स्थितियाँ शामिल हैं।

वेगोवी क्या है?

वेगोवी (जिसका मुख्य घटक सेमाग्लूटाइड है) एक खास तरह की दवा है, जिसे मोटापे से जूझ रहे वयस्कों और किशोरों के लिए तैयार किया गया है। खासतौर पर उन लोगों के लिए, जो ज़रूरत से ज़्यादा वजन के साथ किसी और स्वास्थ्य समस्या से भी जूझ रहे हैं।

कैसे काम करती है वेगोवी?

यह दवा भूख को कम करती है और पाचन की गति को धीमा करके वजन घटाने में मदद करती है। इसमें सेमाग्लूटाइड की मात्रा आमतौर पर डायबटीज के लिए दी जाने वाली दवा ओज़ेम्पिक से ज्यादा होती है।

नोवो नॉर्डिस्क की वज़न घटाने वाली दवा वेगोवी को भारत में लॉन्च करने की तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी समय की कमी से जूझ रही है। दरअसल, वेगोवी, ओज़ेम्पिक और राइबेलसस (जो भारत में सेमाग्लूटाइड की गोली के रूप में मिलती है) में इस्तेमाल होने वाले मुख्य घटक सेमाग्लूटाइड का पेटेंट भारत में मार्च 2026 में खत्म हो जाएगा। पेटेंट की मियाद खत्म होते ही, बाजार में जेनेरिक दवाएं आने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे प्रतिस्पर्धा तेज हो सकती है। एक बाज़ार विश्लेषक ने बताया कि इस स्थिति में सेमाग्लूटाइड को अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी एली लिली एंड कंपनी की दवा मौनजारो की तुलना में कम पेटेंट सुरक्षा मिल रही है, क्योंकि मौनजारो का पेटेंट लाइफ ज्यादा लंबा है। इसलिए, नोवो नॉर्डिस्क के लिए यह ज़रूरी हो गया है कि वह भारत जैसे बड़े और उभरते हुए बाज़ार में तेजी से अपनी मौजूदगी दर्ज कराए, ताकि पेटेंट खत्म होने से पहले वह अपना आधार मजबूत कर सके।

मौनजारो से सीधी टक्कर में नोवो नॉर्डिस्क

नोवो नॉर्डिस्क की वज़न घटाने वाली दवा वेगोवी की लॉन्चिंग, अब उसे एली लिली की दवा मौनजारो से सीधे मुकाबले में ला खड़ा करती है। एली लिली ने मार्च 2024 में भारत में मौनजारो को पेश किया था और अब दोनों दवा कंपनियां भारत जैसे बड़े बाज़ार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि भारत में दवाओं के सीधे विज्ञापन पर रोक है, फिर भी दोनों कंपनियां रोग जागरूकता अभियान के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचा रही हैं। इन दवाओं की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि आधिकारिक लॉन्च से पहले ही ब्लैक मार्केटिंग में इनकी मांग देखी जा रही है। कुछ लोग विदेशों से ये दवाएं मंगवा रहे हैं, जो एक तरह से तस्करी मानी जा रही है।

साल 2024 में, नोवो नॉर्डिस्क को सिर्फ सेमाग्लूटाइड से 201.84 अरब डेनिश क्रोनर (करीब 29.3 अरब डॉलर) की कमाई हुई। यह कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 70% हिस्सा था, जो दिखाता है कि सेमाग्लूटाइड उनके लिए कितना अहम है।

भारत में अब आसान होगी दवा की आपूर्ति

सूत्रों के मुताबिक, नोवो नॉर्डिस्क पहले पिछले साल ही भारत में अपनी वज़न घटाने वाली दवा वेगोवी लॉन्च करना चाहता था, लेकिन दुनियाभर में इसकी ज़रूरत से ज़्यादा मांग और उत्पादन की दिक्कतों के चलते यह योजना टल गई। अब कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया है और तीन नए फैक्टरी यूनिट को भी अपने नेटवर्क में जोड़ा है।कंपनी की ताज़ा तिमाही रिपोर्ट के दौरान बताया गया कि अब आपूर्ति में सुधार हो रहा है। अमेरिका की दवा नियामक संस्था USFDA ने भी फरवरी में सेमाग्लूटाइड को "दवा की कमी वाली लिस्ट" से हटा दिया। इससे अब नोवो कई और देशों में इस दवा को लॉन्च कर पा रही है।

भारत के लिए भी ये दवा अहम मानी जा रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (2019–21) के मुताबिक, भारत में 24% महिलाएं और 23% पुरुष मोटापे या ज़्यादा वज़न से परेशान हैं। वेगोवी जैसी दवाएं शरीर में एक प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम करती हैं जो भूख को कम करती हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल करती हैं। इससे लोग औसतन 10-15% तक वज़न कम कर पाते हैं। हालांकि इन दवाओं को लेकर सोशल मीडिया पर सेलिब्रिटीज़ द्वारा काफी प्रचार हुआ है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवा है, क्योंकि यह एक गंभीर बीमारी का इलाज है।

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