NCR में वायु प्रदूषण की वजह से ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा, प्रदूषण की वजह से फेफड़े और आंखें हो रही हैं कमजोर

आंखों से आंसू तेजी से गायब हो जाते हैं और जिस वजह से आंखों में सूखापन और बेचैनी शुरू हो जाती है। खासकर दिल्ली NCR जैसे बड़े शहरों में प्रदूषण की स्थिति काफी खराब है। प्रदूषण की वजह से जहां आंखें खराब हो रही हैं वहीं इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है

अपडेटेड Nov 07, 2024 पर 5:55 PM
देश भर में लगातार बढ़ रही वायु प्रदूषण की वजह से बढ़ रहा है ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा (Image- PTI)

वायु प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है इस बात से हम सभी भली-भाती परिचित है। ये ना सिर्फ हमारे फेफड़ों को बल्कि आंखों की सेहत पर भी गहरा असर डाल रहा है। प्रदूषण की वजह से ड्राई आई सिंड्रोम की स्थिति पैदा हो रही है। ड्राई आई सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आंखों में सही मात्रा में आंसू पैदा नहीं हो पाते हैं। आंखों से आंसू तेजी से गायब हो जाते हैं और जिस वजह से आंखों में सूखापन और बेचैनी शुरू हो जाती है। खासकर दिल्ली NCR जैसे बड़े शहरों में प्रदूषण की स्थिति काफी खराब है। प्रदूषण की वजह से जहां आंखें खराब हो रही हैं वहीं इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिल रहा है।

प्रदूषण हमारी आंखों को कैसे करता है प्रभावित?

प्रदूषित हवा में पार्टिकुलेट मैटर (PM), कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड (VOCs) जैसे हानिकारक पदार्थों का मिश्रण होता है। जिससे आंखों के कमजोर टिशू में जलन और सूजन जैसी समस्या पैदा होती है। जब प्रदूषित हवा हमारे संपर्क में आते हैं तो उससे हमारी आंखें लाल हो जाती है। आंखों में खुजली और पानी बहना शुरू हो जाता है। लगातार ऐसी स्थिति रहने से ड्राई आई सिंड्रोम जैसी समस्या पैदा होती है।

इन सभी समस्या से निजात के लिए जरूरी है कि हमारे आस-पास की हवा साफ हो। एक हेल्दी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) आमतौर पर 100 या उससे नीचे होता है, जो हवा का साफ स्तर कहा जाता है। लेकिन जब प्रदूषण बढ़ता है तो इसका स्तर 100 से बढ़ने लगता है। इस वजह से कई सारी समस्याएं पैदा होती है...


1. जलन और आंखें लाल होना: प्रदूषित हवा में मौजूद हानिकारक कणों के कारण हमारी आंखें लाल हो जाती है और उसमें जलन पैदा हो जाता है।

2. संक्रमण का खतरा: प्रदूषण की वजह से आंखों का सुरक्षा कवच काफी कमजोर हो जाता है, जिससे हमारी आंखें संक्रमण को लेकर काफी संवेदनशील हो जाती है।

3. ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा: जो लोग पहले से ही कंजंक्टिवाइटिस या ड्राई आई सिंड्रोम जैसी स्थितियों से पीड़ित हैं, उन्हें प्रदूषण के कारण और बुरे लक्षण पैदा हो सकते हैं।

क्या वायु प्रदूषण की वजह से आंखें ड्राई हो सकती है?

इस सवाल का जवाब है, हां! वायु प्रदूषण की जो सबसे आम समस्या है वह आंखों के ड्राई होने का ही है। प्रदूषित हवा में धूल, धुआं और रसायन जैसे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारी आंखों में आंसू आनी की क्षमता को कम कर देता है। इस कारण आंखों की सतह से नमी का वाष्पीकरण तेज हो जाता है और आंखों में सूखापन, किरकिरापन और असहजता महसूस होने लगती है।

जगत फार्मा के डायरेक्टर, डॉ. मंदीप सिंह बासु जगत फार्मा के डायरेक्टर, डॉ. मंदीप सिंह बासु

कैसे करें प्रदूषण से अपनी आंखों की रक्षा

जगत फार्मा के डायरेक्टर, डॉ. मंदीप सिंह बासु बताते हैं कि आंखों पर प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से लड़ने के लिए कुछ सावधानियों अपनाना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए आप आइसोटाइन आई ड्रॉप्स या आईसो अमृत आई ड्रॉप्स का रोजाना इस्तेमाल कर सकते हैं। ये आपकी आंखों को प्रदूषण से सुरक्षित रखने में आपकी मदद कर सकता है।

क्या है आइसोटाइन आई ड्रॉप्स?

ये आई ड्रॉप्स 100% आयुर्वेदिक हैं और विशेष रूप से प्राकृतिक रूप से तैयार की गई हैं, जिसके इस्तेमाल से आप अपनी आंखों को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचा सकते हैं।

वायु प्रदूषण की वजह से आंखों को हो रहे नुकसान खास कर आपने बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने के लिए आप आइसोटिन आई ड्रॉप्स या आईसो अमृत आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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