जब तक लोग नौकरी में रहते हैं तब तक परिवार और अपने कार्य स्थल का जमकर आनंद लेते हैं। लेकिन रिटायरमेंट के बाद एक झटके में उनका ऑफिस जाना बंद हो जाता है। उन्हें अपने सारे साथियों का साथ छूट जाता है। यह बहुत बड़ा भावनात्मक सदमा होता है। ऐसे में कुछ लोग रिटायरमेंट के बाद डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। लिहाजा इससे बचकर रहना बेहद जरूरी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में रिटायरमेंट डिप्रेशन के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ऑफिस की लाइफ स्टाइल खत्म होना अचानक नई लाइफ स्टाइल से बहुत से लोग परेशान हो जाते हैं। ऑफिस वाला रुतबा उनका खत्म हो जाता है।
अब सवाल ये है कि आखिर रिटायर होने के बाद जीवन को कैसे खुशहाल बनाया जाए। रिटायरमेंट डिप्रेशन एक ऐसी ही स्थिति है, जिसमें व्यक्ति रिटायर होने के बाद उदासी, बेचैनी और जीवन के प्रति उदासीनता महसूस करने लगता है।
जानें रिटायरमेंट डिप्रेशन में क्या होता है?
रिटायरमेंट डिप्रेशन होने पर तनाव बढ़ जाता है. ज्यादा तनाव के कारण हाई ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर की समस्या शुरू हो जाती है। वहीं जो लोग इन बीमारियों से पहले जूझ रहे हैं। उनमें यह बीमारियां बढ़ने लगती हैं। ये दोनों बीमारियां लंबे समय के लिए रहती है और अन्य बीमारियों का कारण बनती है। रिटायरमेंट डिप्रेशन के बाद याददाश्त की समस्या होने लगती है। धीरे-धीरे लोग सामाजिक रिश्तों से दूर होने लगते हैं। फिर पारिवारिक रिश्तों में तनाव पैदा होने लगता है। गंभीर मामलों में लोग अल्कोहल या स्मोकिंग का सेवन भी ज्यादा करने लगते हैं। जिससे लोग डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं।
रिटायर के बाद अकेलेपन से परेशान
लंबे समय तक काम करने के बाद, काम ही व्यक्ति की पहचान बन जाता है। ऐसे में रिटायर होने के बाद लोगों की यह पहचान गुम हो जाती है। जिससे उन्हें खालीपन महसूस होने लगता है। रिटायरमेंट के बाद, सामाजिक दायरे में कमी आ जाती है। जिससे अकेलापन महसूस हो सकता है। इससे लोगों की चिंताएं बढ़ जाती है। वहीं आय में भी कमी आ जाती है।
रिटायरमेंट डिप्रेशन के लक्षण
रिटायरमेंट के बाद डिप्रेशन के शिकार होने पर कई तरह के लक्षण सामने आने लगते हैं। उदासी और निराशा छाने लगती है। नींद न आना या ज्यादा नींद आना, भूख न लगना या ज्यादा भूख लगना, थकान और कमजोरी, काम में फोकस में कमी, अपनी हॉबी में रूचि खत्म होना, अकेलापन महसूस होना और आत्महत्या के विचार आना जैसे तमाम लक्षण नजर आने लगते हैं।
रिटायरमेंट में डिप्रेशन से बचने के उपाय
रिटायरमेंट के बाद डिप्रेशन से बचने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। रिटायर होने से पहले अपने जीवन के लक्ष्य तय करें। जिससे हमेशा व्यस्त रहेंगे। वहीं अगर आपके कोई शौक रह गए हैं, तो उन्हें जरूर पूरा करें। हमेशा अपने परिवार के साथ समय बिताएं। इससे एक नई ताजगी बनी रहेगी। घर पर अपने नाती-पोतों का ध्यान रखें। उनके साथ व्यस्त रहें। रोजाना घूमने जाएं। एक्सरसाइज करें। इससे सेहत दुरुस्त रहेगी। आपका मूड हमेशा फ्रेश रहेगा।