Cancer: कैंसर से मिलेगी दुनिया को मुक्ति? वैज्ञानिकों के इस नए रिसर्च में मिली बड़ी सफलता, जल्द आ सकती है वैक्सीन

Cancer: इस खोज को खास और उम्मीद जगाने वाला इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह mRNA वैक्सीन किसी खास ट्यूमर प्रोटीन को निशाना नहीं बनाती। इसके बजाय, यह शरीर की इम्यून सिस्टम को ऐसे सक्रिय करती है जैसे वह किसी वायरस से लड़ रही हो

अपडेटेड Jul 19, 2025 पर 11:40 PM
Cancer Vaccine: कैंसर के वैक्सीन पर जल्‍द म‍िल सकती है खुशखबरी

दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक कैंसर है। इस बीमारी से हर साल दुनिया भर में लाखों लोगों की मौत होती है। वहीं  कैंसर रिसर्च के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता मिली है। फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक नई mRNA वैक्सीन डेवलप की है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को ट्यूमर के खिलाफ मजबूत बनाती है।यह रिसर्च 'नेचर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग' नाम की मैगजीन में पब्लिश हुआ है। स्टडी में पाया गया कि जब इस वैक्सीन को इम्यूनोथेरेपी की आम दवाओं (जिन्हें इम्यून चेकपॉइंट इनहिबिटर कहा जाता है) के साथ मिलाया गया, तो चूहों में ट्यूमर के खिलाफ बेहतर असर देखने को मिला। यह खोज भविष्य में कैंसर के इलाज के नए रास्ते खोल सकती है।

mRNA तकनीक से ट्यूमर हुआ खत्म

इस खोज को खास और उम्मीद जगाने वाला इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह mRNA वैक्सीन किसी खास ट्यूमर प्रोटीन को निशाना नहीं बनाती। इसके बजाय, यह शरीर की इम्यून सिस्टम को ऐसे सक्रिय करती है जैसे वह किसी वायरस से लड़ रही हो। इससे ट्यूमर में PD-L1 नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ट्यूमर इलाज के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है।

यूएफ हेल्थ के बाल रोग विशेषज्ञ और इस रिसर्च के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एलियास सयूर ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि यह खोज कैंसर के इलाज का एक नया रास्ता दिखा सकती है जिसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं होगी। इस रिसर्च को अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान और अन्य बड़े संस्थानों का सहयोग भी मिला है।

इस खोज को खास और उम्मीद जगाने वाला इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह mRNA वैक्सीन किसी खास ट्यूमर प्रोटीन को निशाना नहीं बनाती। इसके बजाय, यह शरीर की इम्यून सिस्टम को ऐसे सक्रिय करती है जैसे वह किसी वायरस से लड़ रही हो। इससे ट्यूमर में PD-L1 नामक प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ट्यूमर इलाज के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। यूएफ हेल्थ के बाल रोग विशेषज्ञ और इस रिसर्च के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एलियास सयूर ने कहा कि यह खोज कैंसर के इलाज का एक नया रास्ता दिखा सकती है जिसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं होगी।


जल्द आ सकती है वैक्सीन!

अगर भविष्य में इंसानों पर किए गए अध्ययन भी ऐसे ही सकारात्मक नतीजे दिखाते हैं, तो यह रिसर्च एक ऐसी वैक्सीन की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है जो कई तरह के मुश्किल और इलाज में कठिन कैंसर के लिए काम आ सकेगी। यूएफ के प्रेस्टन ए. वेल्स जूनियर सेंटर फॉर ब्रेन ट्यूमर थेरेपी में RNA इंजीनियरिंग लैब के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सैयोर ने कहा, "यह शोध एक बहुत ही अनोखे और रोमांचक नतीजे को दिखाता है: यहां तक कि एक ऐसी वैक्सीन जो किसी खास ट्यूमर या वायरस के लिए नहीं बनाई गई हो अगर वह mRNA वैक्सीन हो तो भी वह ट्यूमर पर असर डाल सकती है।" यह रिसर्च कैंसर के इलाज में एक नया और असरदार रास्ता खोल सकती है।

इस नए अध्ययन में, डॉ. सैयोर की टीम ने अपनी तकनीक को एक “सामान्यmRNA वैक्सीन के परीक्षण के लिए तैयार किया। इसका मतलब यह है कि यह वैक्सीन किसी खास वायरस या कैंसर की बदली हुई कोशिकाओं को सीधे निशाना नहीं बनाती, बल्कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए डिज़ाइन की गई हैयह mRNA वैक्सीन COVID-19 वैक्सीन की तरह ही तकनीक पर आधारित है। फर्क सिर्फ इतना है कि जहाँ COVID-19 वैक्सीन वायरस के स्पाइक प्रोटीन को निशाना बनाती है, वहीं यह नई वैक्सीन किसी खास प्रोटीन पर नहीं, बल्कि शरीर की इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।

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