बरसात के सीजन में आपने भी ध्यान दिया होगा कि आलू में अंकुरन शुरू हो जाता है। कई बार आलू हरे रंग के दिखते हैं। ऐसे में हर बार ये सवाल उठता है कि क्या ऐसे आलू खाना चाहिए। क्या इस तरह के आलू जानलेवा साबित होते हैं। लंबे समय तक जब आलू को गर्मी, नमी और रोशनी मिलती है तो आलू स्प्राउट हो जाता है। दरअसल ये आलू की छोटी-छोटी जड़ें होती हैं।
क्या अंकुरित आलू नहीं खाना चाहिए?
आलू के अंकुरित होने की प्रक्रिया खतरनाक नहीं है लेकिन कई बार इससे आलू के पोषण तत्व में बदलाव हो जाते हैं। आलू जब अंकुरित होना शुरू होता है तो नए अंकुर आलू के पोषण तत्व को खींच लेते हैं और अपनी ग्रोथ के लिए इस्तेमाल करते हैं। इससे आलू को पोषण तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट और विटामिन C की मात्रा कम हो जाती है। लेकिन सबसे चिंता की बात ये है कि आलू अंकुरित होने पर कई बार इसमें जहरीले तत्व बन जाते हैं जो खतरनाक है।
अंकुरित आलू में Glycoalkaloids का खतरा
जब आलू अंकुरित होने लगते हैं तो उसमें Glycoalkaloids बनता है। नाइटशेड कैटेगरी में आने वाले प्लांट में पाया जाने वाला यह नेचुरल टॉक्सिन है। आलू में जो दो Glycoalkaloids पाए जाते हैं वो सोलानाइन और चाकोनाइन है। ये आलू के हर पौधे में होते हैं लेकिन अंकुरित या हरे आलू में ये ज्यादा होती है। वैसे तो ये जहरीला तत्व पौधों को कीड़ों से बचाने में मदद करता है लेकिन इनसानों के लिए यह हानिकारक है।
क्या अंकुरित आलू खाना चाहिए?
अंकुरित आलू खाने से पहले ये जरूर देखिए कि वह आलू कितना अंकुर चुका है। या उसमें हरा रंग कितना दिख रहा है। अगर आलू के अंकुर छोटे हैं और आलू सख्त है तो आप अंकुर और हरा हिस्सा हटाकर खा सकते हैं।
अगर आप अंकुरित आलू खा भी रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखिए।
अंकुरित आलू में से अंकुर वाला हिस्सा अच्छी तरह काटकर हटा दें। इसके साथ ही हरे हिस्से को भी पूरी तरह काट कर हटा दें क्योंकि इस हरे हिस्से में Glycoalkaloids या जहरीले तत्व की मात्रा ज्यादा हो सकती है।
जब आप आलू खरीद रहे हों तो उसका रंग सामान्य होना चाहिए। और आलू का सख्त होना जरूरी है। नरम या झुर्रियों वाला आलू खाने से बचना चाहिए। अंत में एक सबसे जरूरी बात है कि आलू को अच्छी तरह पकाकर खाना चाहिए। लेकिन इन सबके बावजूद अगर आलू बहुत ज्यादा अंकुर चुका है या हरा है तो उसे मत खाइए।
क्या आलू को फ्रिज में रखना चाहिए?
आलू को फ्रिज में नहीं रखना चाहिए क्योंकि इसेस आलू में पाए जाने वाला स्टार्ट शुगर में बदल जाता है। इससे आलू का ना सिर्फ टेस्ट खराब होता है बल्कि पकाने के दौरान उसका रंग भी भूरा हो जाता है। आलू को अंकुरन से बचाने के लिए उसे ठंडी, अंधेरी और सूखी जगह पर रखना चाहिए।