सॉफ्ट ड्रिंक, जूस-आइसक्रीम में कितनी मिलानी होगी चीनी? NIN ने दिए सुझाव

Sugar Content in Packaged Foods: देश में बहुत से लोग मोटापा और ब्लड शुगर के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में बढ़ती बीमारियों को देखते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) ने पैकेज्ड खाने और पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा पर लिमिट लगाने का सुझाव दिया है। NIN ने बताया है कि पेय पदार्थ और पैकेज्ड खानों में एडेड शुगर और टोटल शुगर की मात्रा कितना होनी चाहिए

अपडेटेड May 28, 2024 पर 1:39 PM
Sugar Content in Packaged Foods: बोर्नविटा और बेबीफूड सेरेलैक में हाई शुगर कंटेंट के आरोप लगने के बाद नई सिफारिशें आई हैं।

जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। खानपान और लाइफ स्टाइल में बदलाव की वजह से इन दिनों में देश में डायबिटीज और मोटापे के शिकार लोग तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन (National Institute of Nutrition -NIN) ने पहली बार पैकेज्ड खाने और पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा पर लिमिट तय करने का सुझाव दिया है। बता दें कि NIN स्वास्थ्य मंत्रालय के इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के साथ मिलकर काम करता है। इस कदम से ब्रांडेड कोल्ड ड्रिक्स,जूस, कुकीज़, आइसक्रीम, सेरेलैक पर असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस नई गाइडलाइंस को कंपनियों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि अगर सरकार इन सुझाओं को स्वीकार करने और लागू करने का फैसला करती है, तो ज्यादातर कंपनियों को अपने फॉर्मूलेशन बदलना होगा, जो कि आसान नहीं है। यह सुझाव ऐसे समय में आए हैं, जब सेरेलैक और बॉर्नविटा जैसे उत्पादों में अतिरिक्त चीनी मिलाए जाने की खबरें तैर रही हैं। पेय पदार्थों में और पैकेज्ड खानों में एडेड शुगर और टोटल शुगर की कितनी मात्रा तय होनी चाहिए।

कई ब्रांड में शहद की जगह चीनी का इस्तेमाल


स्विटजरलैंड की एक जांच एजेंसी के अनुसार नेस्ले (Nestle) ने सुक्रोज यानी हनी (शहद) के तौर पर अपने नीडो ब्रांड में शुगर का इस्तेमाल किया है। यह नीडो एक मिल्क फॉर्मूला है। जिसका इस्तेमाल एक साल या उससे ज्यादा बच्चो के लिए किया जाता है। नेस्ले के सेरलिक ब्रांड में भी शुगर की मात्रा पाई गई है। जिसका इस्तेमाल 6 महीने से 2 साल के बच्चों लिए किया जाता है। वहीं साल दिसंबर 2023 में कैडबरी के बोर्नवीटा (Bournvita) ब्रांड में शुगर की मात्रा में 14.4 फीसदी की कटौती की बात कही गई थी। कंपनी ने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर रेवंत हिमातसिंह की ओर से बोर्नवीटा पर शुगर की मात्रा को लेकर सवाल उठाया था। इससे काफी हल्ला मचा था। जिसके बाद सरकार की तरफ से कंपनी नोटिस भी मिला था।

एडेड शुगर-टोटल शुगर क्या है?

कोई भी चीनी जो उत्पादन से पहले स्वाभाविक रूप से उत्पाद में मौजूद होती है, लेबल पर उसे टोटल शुगर लिखा जाता है। अगर मैन्युफैक्चरर की तरफ से उत्पाद में अलग से चीनी मिलाई गई हो तो उसे एडेड शुगर कहते हैं। आसान भाषा में कहें तो मान लिजिए आप एक संतरा उठाते हैं और उसे एक कप में निचोड़ते हैं, तो उस कप में मौजूद चीनी को टोटल शुगर कहेंगे। अगर आप उसी संतरे को चुनते हैं, उसे निचोड़ते हैं, फिर चीनी का एक पैकेट मिलाते हैं तो चीनी के पैकेट को एडेड शुगर कहेंगे।

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