इस साल गर्मी ने दस्तक कुछ जल्दी दे दी है और देशभर में तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। कई राज्यों में पारा 40 डिग्री के पार जा चुका है और मौसम विभाग ने हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया है। ऐसे मौसम में लोग सनबर्न, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसे खतरे तो पहचान लेते हैं, लेकिन आंखों की सेहत पर मंडराता खतरा अक्सर उनकी नजर से ओझल रह जाता है। तेज गर्म हवाएं, चुभती धूप और नमी की कमी सिर्फ त्वचा ही नहीं, आंखों के लिए भी खतरनाक होती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ये मौसम आंखों की सबसे नाजुक परत—कॉर्निया को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। नतीजा होता है सूखापन, चुभन, धुंधलापन और गंभीर मामलों में ‘आई स्ट्रोक’ जैसी स्थिति। ऐसे में जरूरत है कि गर्मी से लड़ने की तैयारी में आंखों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाए।
गर्मी के मौसम में हवा में नमी कम हो जाती है। ऐसे में आंखों की प्राकृतिक नमी भी जल्दी सूख जाती है। इससे ‘ड्राई आई सिंड्रोम’ हो सकता है, जिसमें आंखों में जलन, खुजली और धुंधला दिखना आम बात है। खासतौर पर वो लोग जो स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताते हैं, उन्हें ये परेशानी ज्यादा होती है।
हीटवेव के दौरान शरीर को खुद को ठंडा रखने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे शरीर में पानी की कमी, खून गाढ़ा होना और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जब आंखों तक खून सही से नहीं पहुंच पाता, तो ‘आई स्ट्रोक’ का खतरा बढ़ जाता है। इसका लक्षण अचानक एक आंख से दिखना बंद होना या आंखों के आगे धुंध जैसा महसूस होना हो सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों को चाहिए खास देखभाल
बच्चों की आंखें बेहद नाजुक होती हैं। उन्हें धूप में बाहर भेजते समय UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लास जरूर पहनाएं। वहीं बुजुर्गों को, खासकर जो हाई बीपी या डायबिटीज से जूझ रहे हैं, ठंडे पानी से दिन में कई बार आंखें धोने की सलाह दी जाती है। इससे आंखों को राहत मिलती है।
कैसे रखें आंखों का ध्यान गर्मी में?
बाहर निकलते समय सनग्लास लगाएं (100% UV प्रोटेक्शन वाला)
आंखों में बार-बार हाथ न लगाएं
बच्चों को आंखें रगड़ने से रोकें
गर्मी से बचने के लिए जैसे हम शरीर का ध्यान रखते हैं, वैसे ही आंखों की भी देखभाल जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां आपको बड़ी मुसीबतों से बचा सकती है।