मजाक नहीं सच है! डायबिटीज का पक्का इलाज मिल गया, चीन ने किया है कमाल, भारत में कब से शुरू होगा इलाज

दुनिया भर में करीब 50 करोड़ लोग डायबिटीज के मरीज हैं। लेकिन अब चीन के वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिससे शुगर के मरीजों को एक नई उम्मीद मिली है। चीन में 25 साल की एक महिला का Type 1 Diabetes पूरी तरह ठीक हो गया है और अब उसे इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ती

अपडेटेड Oct 18, 2024 पर 9:26 AM
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चीन के डॉक्टरों ने डायबिटीज की बीमारी का शर्तिया इलाज खोज निकाला

चीन ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसका इंतजार सिर्फ भारत को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को था। दुनिया में पहली बार ऐसा हुआ है जब टाइप 1 डायबिटीज के मरीज को पूरी तरह ठीक किया गया है। इस इलाज के सिर्फ तीन महीने बाद उस महिला के शरीर से खुद इंसुलिन बनने लगा। डायबिटीज में शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है जिसकी वजह से आपको इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते हैं।

हेल्थ जर्नल Nature के मुताबिक, चीन के तिआनजिन में रहने वाली 25 साल की महिला लंबे समय से टाइप 1 डायबिटीज से जूझ रही थी। लेकिन स्टेम सेल ट्रीटमेंट से अब वह पूरी तरह ठीक हो चुकी है। उस महिला का इलाज करते हुए चाइनीज डॉक्टरों ने उसके शरीर में रीप्रोग्राम्ड स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किया था। वह दुनिया की पहली महिला हैं जिसके टाइप 1 डायबिटीज का इलाज उनके शरीर से निकाले गए स्टेम सेल से हुआ है।

नाम जाहिर ना करने की शर्त पर उस महिला ने कहा, "अब मैं मीठी चीजें खा सकती हूं। स्टेम ट्रांसप्लांट किए अब एक साल से भी ज्यादा समय हो चुका है। मैं अब सबकुछ खा सकती हूं खासतौर पर Hotpot."


चाइनीज वैज्ञानिकों के इस कमाल पर कनाडा के एडमॉन्टन में यूनिवर्सिटी ऑफ अलबेर्टा के ट्रांसप्लांट सर्जन और रिसर्चर जेम्स शापिरो ने कहा कि वो इसके नतीजे देखकर हैरान हैं। उनलोगों ने टाइप 1 डायबिटीज को पूरी तरह रिवर्स कर दिया है। जबकि इलाज से पहले उस महिला को इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती थी।

इससे पहले शंघाई में कुछ डॉक्टरों ने अप्रैल में बताया था कि उन्होंने बड़ी कामयाबी से 59 साल के टाइप 2 डायबिटीज मरीज में इंसुलिन बनाने वाले islets (इंसुलिन बनाने वाली सेल) ट्रांसफर किया है। ये islets उस आदमी के शरीर से निकाले गए स्टेम सेल से निचोड़े गए थे। इस इलाज के बाद उस मरीज को इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ी।

टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज में क्या फर्क है?

दुनिया भर में करीब 50 करोड़ लोग शुगर की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन सबके लिए यह इलाज किसी वरदान से कम नहीं है। ज्यादातर लोगों को टाइप 2 डायबिटीज की समस्या रहती है। इसमें बॉडी में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनता या बहुत कम बनता है। जबकि टाइप 1 डायबिटीज में इम्युन सिस्टम पैनक्रियाज के इंसुलिन बनाने वाले सेल पर अटैक करता है।

islets (इंसुलिन बनाने वाली सेल) से डायबिटीज का इलाज किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल इसके डोनर की काफी कमी है। भारत में अभी कुछ बीमारियों के इलाज में स्टेम सेल का इस्तेमाल होता है। लेकिन फिलहाल डायबिटीज का इलाज शुरू नहीं हुआ है। लेकिन मुमकिन है कि आने वाले कुछ साल में भारत में भी डायबिटीज का शर्तिया इलाज होने लगेगा।

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