देश में कोरोनावायरस और डेंगू के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इस बीच जीका वायरस के केसेस भी बढ़ रहे हैं। खासकर बेंगलुरु में भी जीका वायरस अटैक कर चुका है। सिर्फ 12 दिन में 5 मामले सामने आ चुके हैं। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू ने बताया कि 4 अगस्त से लेकर 15 अगस्त के बीच बेंगलुरु के जिगनी में जीका वायरस के ये सभी मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि जीका वायरस के सामान्य लक्षण होते हैं और इसका इलाज डेंगू के इलाज की तरह ही किया जाता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए दिनेश गुंडू ने बताया कि पहला मामला सामने आने के बाद आसपास के इलाकों में जांच की गई। इसके बाद जीका संक्रमण के पांच मामले पाए गए है। लोगों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
दरअसल, जीका वायरस मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है। जिस भी व्यक्ति को यह बीमारी होती है। उसे सबसे पहले तेज बुखार आता है। फिर शरीर और सिरदर्द होने लगता है। कुछ मामलों में जीका इंसान के नर्वस सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाता है। शुरुआत में जीका वायरस के लक्षण हल्के हो सकते हैं। लेकिन जैसे-जैसे शरीर में वायरस बढ़ता है, इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं।
जानिए कैसे फैलता है जीका वायरस
संक्रमित एडीज़ प्रजाति के मच्छर, मुख्यतः एडीज़ एजिप्टी मच्छरों के काटने से जीका वायरस फैलता है। ये मच्छर दिन और रात में काटते हैं। इसके अलावा यौन संबंध बनाने से और ब्लड ट्रांसफ्यूजन से फैलता है। संक्रमित पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने से जीका वायरस फैल सकता है। यह किसी गर्भवती महिला से उसके भ्रूण में भी फैल सकता है। यह एडीज मच्छर आमतौर पर दिन में काटता है। खासतौर से शाम-सुबह ज्यादा काटता है।
जीका वायरस के लक्षण बिल्कुल कॉमन हैं। बुखार, शरीर पर लाल चकत्ते पड़ना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द आदि लक्षण नजर आ सकते हैं। आमतौर पर इसके लक्षण हल्के होते हैं। गंभीर मामलों में ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ती है।
जीका वायरस से बचाव के टिप्स
1 - जीका वायरस से बचना है तो मच्छर से काटने से बचाव करना जरूरी है।
2 - घर के आसपास साफ-सफाई रखें। जिससे मच्छर नहीं पनपेंगे।
3 - इस मौसम में फुल स्लीव्स कपड़े पहनना चाहिए।
4 - बिस्तर या मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए। इसके साथ ही इम्युनिटी को बूस्ट करने की जरूरत है।
5 - खुद को हाइड्रेट रखें और जूस या नारियल पानी पीते रहें।