Get App

26/11 Mumbai Attack: आज ही के दिन दहल उठी थी मुंबई, जानिए इस काले दिन की पूरी कहानी

26/11 Mumbai Attack: 26 नवंबर 2008 की इस तारीख को शायद ही कोई भारतीय भूला हो। मुंबई में आतंकियों ने हमला कर दिया। आतंक की तड़तड़ाती गोलियों से मुंबई दहल उठी। इसमें 160 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे

Jitendra Singhअपडेटेड Nov 26, 2022 पर 9:43 AM
26/11 Mumbai Attack: आज ही के दिन दहल उठी थी मुंबई, जानिए इस काले दिन की पूरी कहानी
आतंकवादियों ने मुंबई की होटल ताज को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया था।

26/11 Mumbai Attack: 26 नवंबर साल 2008 की शाम तक मुंबई में रोजाना की चहलकदम बनी हुई थी। लोकल ट्रेन अपनी रफ्तार से भाग रही थी। मुंबईकर आसमान की चादर ओढ़े समुद्र के किनारे ठंडी हवाओं का लुत्फ ले रहे थे। लेकिन यह एक ऐसी काली रात साबित हुई कि पूरी दुनिया आज भी उस रात को भूलना नहीं चाहती है। जैसे-जैसे रात बढ़ती गई। चारो दिशाओं से मुंबई में चीख-पुकार बढ़ती गई। मुंबई के पॉश इलाके साउथ मुंबई की सड़के खून से नहाने लगीं। तड़तड़ाती गोलियों की गूंज से मुंबई छलनी हो गई। जी हां। ये वही दिन है, जब पाकिस्तान से आए जैश-ए-मोहम्मद के 10 आतंकविदियों ने मुंबई में अंधाधुंध फायरिंग की।

अगर ये कहें कि ये आजाद भारत के इतिहास में ये सबसे बड़ा आतंकी हमला था, तो गलत नहीं होगा। इस हमले में सुरक्षाकर्मियों समेत 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे। 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। आतंकियों ने देश के सबसे सुरक्षित जगहों में से एक होटल ताज को निशाना बनाकर हमारी सुरक्षा व्यवस्था के दावों को भी तार-तार कर दिया था।

कराची से समुद्री रास्ते से मुंबई आए थे आतंकी

हमले से तीन दिन पहले यानी 23 नवंबर 2008 को कराची से समुद्री रास्ते के जरिए आतंकवादी मुंबई में दाखिल हुए थे। जिस नाव से आतंकी आए थे वह भी भारतीय नाव थी। 4 मछुआरों को मौत के घाट उतारकर उनकी नाव हड़प ली थी। रात करीब आठ बजे आतंकी कोलाबा के पास कफ परेड के मछली बाजार पर उतरे। इसके बाद 4 ग्रुप में बंट गए। स्थानीय लोगों ने समुद्र से बाहर निकलते ही देख लिया था। जिसकी सूना पुलिस को भी दी गई थी। लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद मुंबई में मौत का खेल शुरू हो गया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें