Constitution Day 2022: इस संविधान दिवस पर जानें अपने देश का सर्वोच्च विधान, क्या है इतिहास और उससे जुड़ी दिलचस्प बातें

Constitution Day 2022: 26 नवंबर स्वतंत्र भारत के लिए एक बहुत ही खास दिन है, क्योंकि इसी दिन देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। संविधान में मौलिक अधिकार नागरिकों की ढाल बन गए हैं, जबकि मौलिक कर्तव्य हमें हमारे दायित्वों की याद दिलाते हैं

अपडेटेड Nov 26, 2022 पर 8:04 AM
Constitution Day 2022: इस संविधान दिवस पर जानें अपने देश का सर्वोच्च विधान

Constitution Day 2022: साल 2015 में मई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने "देशवासियों के बीच संवैधानिक मूल्यों" को आगे बढ़ाने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस (Constitution Day) के रूप में मनाने का ऐलान किया था। इस दिन की घोषणा ऐसे मौके पर की गई थी, जब संविधान की ड्राफ्टिंग समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बीआर अंबेडकर (BR Ambedkar) की 125वीं जयंती (Ambedkar Jayanti) मनाई गई थी। संविधान की ड्राफ्ट कमेटी के दूसरे सदस्यों में जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी आदि शामिल थे।

26 नवंबर स्वतंत्र भारत के लिए एक बहुत ही खास दिन है, क्योंकि इसी दिन देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। संविधान में मौलिक अधिकार नागरिकों की ढाल बन गए हैं, जबकि मौलिक कर्तव्य हमें हमारे दायित्वों की याद दिलाते हैं।

भारत का संविधान दिवस हर साल 26 नवंबर को मनाया जाता है। कुछ समय पहले तक, 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता था।


आइए जानते हैं संविधान दिवस का इतिहास और उससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें-

Constitution Day 2022: इतिहास

जैसा कि हमने ऊपर आपको बताया कि साल 2015 में यह निर्णय लिया गया था कि हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा। संविधान दिवस का मुख्य उद्देश्य भारत के नागरिकों के बीच संविधान के बारे में जागरूकता पैदा करना और संवैधानिक मूल्यों का प्रचार करना है।

19 नवंबर 2015 को सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने की परंपरा शुरू करने का फैसला किया और तभी से इस दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Constitution Day 2022: इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

- भारतीय संविधान को तैयार करने में लगभग 2 साल 11 महीने 18 दिन लगे।

- भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।

- संविधान की ओरिजनल कॉपी हाथ से लिखी गई थी।

- संविधान की ओरिजनल कॉपियां संसद की लाइब्रेरी के अंदर संजो कर रखी गई हैं। जिस डिब्बे में इसे रखा जाता है, उसे हीलियम से भरकर फलालेन के कपड़े में नेफ्थालीन की गोलियों से लपेट दिया जाता है।

- संविधान के हर एक पन्ने पर सोने की पत्ती का फ्रेम है और हर एक चैप्टर के शुरुआती पन्ने में किसी न किसी तरह की कलाकृति है।

- प्रसिद्ध लेखक प्रेम नारायण रायजादा ने संविधान की मूल प्रति तैयार की थी।

- भारतीय संविधान की मूल संरचना भारत सरकार अधिनियम 1935 पर आधारित है।

- हमारे संविधान के कुछ अहम हिस्से कई देशों के संविधान से लिए गए हैं। जैसे मौलिक अधिकार और स्वतंत्र न्यायपालिका अमेरिका से, ब्रिटेन से संसदीय प्रणाली और राष्ट्रपति का पद, कनाडा से संघीय सरकार प्रणाली, अफ्रीका से संवैधानिक संशोधन प्रणाली, सोवियत संघ से मौलिक कर्तव्य, जर्मनी से इमरजेंसी का प्रावधान, आयरलैंड से डायरेक्टिव प्रिंसिपल, फ्रांस से शासन की गणतांत्रिक प्रणाली और ऑस्ट्रेलिया से कंकरेंट लिस्ट और भी बहुत कुछ शामिल है।

- सर इवोर जेनिंग्स ने भारतीय संविधान को दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक संविधान घोषित किया था। भारतीय संविधान की व्यापकता को उसकी कमियां और वकीलों के लिए स्वर्ग कहा जा सकता है।

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प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शनिवार (26 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट (SC) में संविधान दिवस समारोह में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत नई पहल की शुरुआत करेंगे।

बयान में कहा गया है कि ई-कोर्ट प्रोजेक्ट सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सक्षम अदालतों के जरिए वादियों, वकीलों और न्यायपालिका को सर्विस प्रोवाइड करने की एक कोशिश है। प्रधान मंत्री मोदी की तरफ से शुरू की जा रही पहलों में 'वर्चुअल जस्टिस क्लॉक', 'जस्टिस' मोबाइल ऐप 2 शामिल हैं।

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