7th Pay Commission: सातवें वेतन आयोग का फायदा करीब देश के सभी राज्यों के कर्मचारियों को मिल रहा है। लेकिन पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य है। जहां के कर्मचारियों को साल 2020 में छठे वेतन आयोग का फायदा दिया गया है। पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों को अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम सैलरी मिलती है। इसकी वजह ये है कि यहां छठा वेतन आयोग लागू है।
छठा वेतन आयोग केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए साल 2006 में लागू कर दिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने भी अपने कर्मचारियों को इसका फायदा देना शुरू कर दिया। यानी पश्चिम बंगाल अन्य राज्यों के मुकाबले 20 साल पीछे चल रहा है। बंगाल के सरकारी कर्मचारियों ने कई बार हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया तब जाकर कहीं ममता सरकार ने छठा वेतन आयोग लागू किया था।
BJP ने किया ऐलान
देश के गृह मंत्री अमित शाह ने अपने चुनावी घोषणा पत्र के जरिए बंगाल के कर्मचारियों से एक बड़ा वादा किया है। BJP ने घोषणा पत्र में कहा है कि अगर पश्चिम बंगाल में BJP की सत्ता आती है तो सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
पीएम किसान सम्मान निधि का भी जिक्र
इधर पश्चिम बंगाल के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का भी फायदा नहीं मिलता है। लिहाजा BJP ने कहा है कि अगर सत्ता में आते हैं तो किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा दिया जाएगा। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि को सात किस्तों में दिया जा चुका है। हर किस्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी की जा सके।
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