Delhi Rain: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वीकेंड पर हुई मानसून की पहली भारी बारिश ने 41 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिल्ली में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 153 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो 1982 के बाद से जुलाई में एक दिन में हुई सर्वाधिक बारिश है। इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार, सफदरजंग वेधशाला में रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में 153 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 25 जुलाई 1982 को एक दिन में दर्ज की गई 169.9 मिमी बारिश के बाद से सर्वाधिक है।
कहां कितनी हुई बारिश (Aaj Ka Mausam)
IMD अधिकारी के मुताबिक, शहर में 10 जुलाई 2003 को 133.4 मिमी, 28 जुलाई 2009 को 126 मिमी और आठ जुलाई 1993 को 125.7 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। 21 जुलाई 1958 को यहां अब तक की सर्वाधिक 266.2 मिमी बारिश हुई थी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 1969 के बाद से जुलाई में 8 बार बहुत भारी (15.6 मिमी से 204.4 मिमी के बीच) बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने दिल्ली में मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पीटीआई के मुताबिक, रिज, लोधी रोड और दिल्ली विश्वविद्यालय के मौसम केंद्रों पर क्रमशः 134.5 मिमी, 123.4 मिमी और 118 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सड़कों पर लगा भारी जाम (Aaj Ka Mausam)
दिल्ली में जुलाई में अभी तक 164 मिमी बारिश हुई है। पूरे महीने में शहर में औसतन 209.7 मिमी बारिश होती है। भारी बारिश के कारण शहर के कई पार्क, अंडरपास, बाजार और यहां तक कि अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया और सड़कों पर भारी जाम लग गया। सोशल मीडिया पर सड़कों पर घुटनों तक भरे पानी के बीच से गुजरते लोगों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए हैं, जिसने शहर की जल निकासी प्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कई इलाकों में इंटरनेट ठप्प (Aaj Ka Mausam)
तेज हवाओं और बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुईं। सड़कों पर पानी भरने और वाहनों के उसमें फंसे होने की तस्वीरें सामने आने के बाद एक बार फिर दिल्ली में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर की। दिल्ली में जल निकासी के लिए तीन प्रमुख नाला, नजफगढ़, बारापुला और ट्रांस-यमुना हैं।
शनिवार को 20 सालों में सबसे अधिक हुई बारिश (Aaj Ka Mausam)
दिल्ली में शनिवार को हुई मानसून की पहली भारी बारिश ने 20 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारी बारिश के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में जलभराव, पेड़ उखड़ने, वाहनों के खराब होने और ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हुई। दिल्ली में एक दिन में सबसे अधिक 266.2 मिलीमीटर बारिश 21 जुलाई, 1958 को हुई थी। पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह भारी बारिश के कारण तिब्बिया कॉलेज सोसाइटी के एक फ्लैट की छत ढह गई, जिसके मलबे में दबकर 58 वर्षीय एक महिला की मौत हो गई।
दिल्ली में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण उफनाए नालों और जलमग्न सड़कों के कारण वाहन चालकों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। जलभराव होने के कारण मिंटो ब्रिज को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। शनिवार सुबह से बारिश जारी रहने के कारण मध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस में कई दुकानों में पानी भर गया, जबकि कई अन्य बाजारों में जलभराव के कारण व्यापारियों और लोगों को समस्या हुई। जलभराव और बारिश के कारण बाजारों में ग्राहक भी कम ही नजर आए।